Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

पुलिस अधीक्षक क़ी एक शिकायत मात्र पर जज को किया गया बर्खास्त

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 5, 2017
in गेस्ट ब्लॉग
1
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

सुकमा के जज प्रभाकर ग्वाल को बर्खास्त कर दिया गया है. उन्हें क्यों बर्खास्त किया गया ? क्योंकि सुकमा के जज साहब इतने ईमानदार हैं कि वे पूरी जिन्दगी साइकिल से कोर्ट आते-जाते थे. जज साहब जानते थे कि सरकार आदिवासियों की ज़मीन पर कब्जा करना चाहती है. जज साहब आदिवासियों का दर्द समझते थे. जज साहब को पता था कि इन ज़मीनों को विदेशी कंपनियों को दिया जायेगा. पुलिस इसके लिये कभी पचास तो कभी सौ निर्दोष आदिवासियों को पकड़ कर जज साहब के सामने लाती थी. पुलिस जज साहब से कहती थी कि ये आदिवासी नक्सली हैं इन्हें जेल भेज दीजिये. जज साहब मामले की पूरी जानकारी मांगते थे. जज साहब को पता चलता था कि ये आदिवासी तो बाज़ार जा रहे थे. जज साहब पुलिस को इस तरह की बदमाशी करने के लिये डांटते थे. इस तरह जज साहब सरकार की आंख का कांटा बन गये. भाजपा सरकार का मुखिया रमन सिंह कंपनियों से इतना पैसा ले चुका है कि उन्हें स्विस बैंक और पनामा में रख रहा है. निर्दोष आदिवासियों को जेलों में डालने और मार डालने पर पुलिस को नगद इनाम और तरक्की दी जाती है लेकिन यह ईमानदार दलित जज पूरा खेल बिगाड़ रहा था, तो सरकार ने सुकमा पुलिस अधीक्षक से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को चिट्ठी लिखवाई कि जज साहब पुलिस को डांटते हैं. हाई कोर्ट ने सुकमा के इस ईमानदार जज साहब से उनका पक्ष भी नहीं पूछा और उन्हें फटाफट बर्खास्त कर दिया. छतीसगढ़ के बारे में कहा जाता है कि क्या पूरे राज्य में एक भी ईमानदार अधिकारी नहीं है ? छत्तीसगढ़ में भी ज़रूर हैं ईमानदार अधिकारी, ईमानदार जज और ईमानदार पुलिस कर्मी लेकिन इनमें से अगर कोई आदिवासियों का साथ देने की जुर्रत करता तो उसे उठा कर बाहर फेंक दिया जाता है जैसा कि इस मामले में किया गया है जज साहब को ही बर्खास्त करके.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

छतीसगढ़ नयी गुलामी की प्रयोगशाला है. वहां सफल होने के बाद इस गुलामी को पूरे भारत में लागू किया जायेगा. छत्तीसगढ़ की तरह पूरे भारत में सरकार बन्दूक के दम पर चलाई जायेगी. जैसे छत्तीसगढ़ में हरेक आज़ाद सोच के इन्सान को सरकार नक्सलवादी या माओवादी कहती है, वैसे ही सरकार पूरे देश में आजाद सोच के इंसान को मुसलमानों का एजेंट तथा राष्ट्रद्रोही कह कर जेलों में ठूंंस देगी. विकास की लालच में अन्धे हो गये लोगों को आज आदिवासी का मारा जाना कोई समस्या नहीं लगता ?
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट को जरुरत है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर न केवल सुकमा के बेहद ईमानदार दलित जज माननीय प्रभाकर ग्वाल को सम्मानपूर्वक बहाल करे बल्कि आदिवासियों पर आये दिन होनेवाले जुल्म को भी बंद किए जाए.

Previous Post

कुमार विश्वास का “अविश्वास”

Next Post

शादी के बाद महिला, पहले बहू हैं या पत्नी?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

शादी के बाद महिला, पहले बहू हैं या पत्नी?

Comments 1

  1. Pingback: वर्षा डोंगरे के खिलाफ शासकीय कार्यवाही का विरोध करो! — Pratibha Ek Diary

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

हत्यारों की ‘टी’-पार्टी

November 9, 2019

किराए के लाल किले की प्राचीर से ढ़पोरशंख का ढ़पोर

August 23, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.