Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

गर्भवती अनिता और उनके पति बृजेश को रिहा करो !

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
October 21, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
गर्भवती अनिता और उनके पति बृजेश को रिहा करो !
गर्भवती अनिता और उनके पति बृजेश को रिहा करो !

कोई अपने घर में गांधी की किताब रखने से ‘गांधीवादी’ नहीं हो जाता, महज माओ की किताब रखने से ‘माओवादी’ नहीं हो जाता. ठीक वैसे ही हमारे कंप्यूटर में रखी सामग्री से हमारा अपराध तय नहीं होता. आज लैपटॉप/मोबाइल हमारे दिमाग का ‘एक्सटेंशन’ हो चुका है. हम कभी-कभी अपने दिमाग में किसी की हत्या के बारे में भी सोच सकते हैं, लेकिन क्या महज यह सोचने के कारण किसी पर 307 (हत्या का प्रयास) का मुकदमा चलाया जा सकता है ??

ठीक उसी तरह मेरे लैपटॉप में क्या सामग्री है, इससे कोई अपराध नहीं बनता, जब तक कि हम उसे किसी भी स्तर पर लागू नहीं करते. ‘विनायक सेन’ को बेल देते समय भी उस वक्त के सुप्रीम कोर्ट के जज ‘मार्कण्डेय काटजू’ ने भी इसी तरह की बात कही थी. इधर बहुत से लोगों को लैपटॉप/फोन में पाई गई तथाकथित आपत्तिजनक सामग्री के आधार पर गिरफ्तार या परेशान किया जा रहा है और देशद्रोह तक की धारा लगाई जा रही है (जैसा कि ब्रजेश/अनिता के मामले में), जबकि वास्तविक कृत्य (action) कुछ भी नहीं है. सब मनमानी चल रही है. कोई बात नहीं, ‘सब याद रखा जाएगा.’

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

क्या आप मेरी अन्नी यानी अनिता को जानते हैं ? मेरी अन्नी यानी मेरी कॉमरेड, मेरी दोस्त, मेरी बहन ! मेरी अन्नी को उत्तर प्रदेश एटीएस 18 अक्टूबर को उसके मायके से गिरफ्तार करके लखनऊ ले आए.

4 माह की गर्भवती अन्नी को डॉक्टर ने कंप्लीट बेडरेस्ट बताया था. इसी खातिर वह अपने मायके रायपुर चली गई थी. क्योंकि अभी कुछ समय पहले ही गांव से देवरिया चेकअप के लिए जाते समय रास्ते में ही उसका 5 माह का गर्भ बस में धक्के खाने की वजह से मिसकैरेज हो गया था. इसलिए इस बार वह डिलीवरी के लिए शहर में रहना चाहती थी और वह मां के पास रायपुर चली गई थी.

ऐसी हालत में अनिता को पुलिस रायपुर से ट्रेन से इलाहाबाद लाई और यहां से गाड़ी से लखनऊ ले गए. इनकी संवेदनहीनता अपनी सारी हदें पार कर चुकी है. एक गर्भवती महिला के साथ ऐसा सुलूक ! आज हमारा देश पुलिस स्टेट में तब्दील हो चुका है. कोई कभी भी कहीं से भी गिरफ़्तार हो सकता है. किसी के भी घर पर कभी भी अकारण रेड डाली जा सकती है ! यही फासीवाद है.

जब उत्तर प्रदेश एटीएस ने 8 जुलाई 2019 को हमें भोपाल से गिरफ्तार किया, उस समय उन्होंने अन्नी और उसके साथी बृजेश को भी पूछताछ के लिए उठाया. उस समय उनका लैपटॉप और फोन जब्त कर लिया. उस समय उन्हें उनसे कोई एविडेंस नहीं मिला और दोनों को छोड़ दिया गया.

4 साल बाद उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके लैपटॉप में कुछ राष्ट्रविरोधी चीज़ मिली है. 4 साल में उन लोगों ने कितनी टैंपरिंग की, कौन जानता है. वैसे भी हमारे कंप्यूटर और फोन में आज के समय में दुनिया भर की जानकारी रहती है. उसमें से किसको आप राष्ट्रविरोधी करार दे दें, यह कानूनी रूप से भी गलत है.

अन्नी और बृजेश मूलतः किसान हैं, देवरिया जिले के एक गांव में रहकर खेती किसानी करते थे और बैग बनाने की उनकी एक छोटी-सी दुकान थी. साथ ही दोनों ही सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी करते थे. बृजेश किसान आंदोलन से जुड़े थे और अनिता भी अपने घर पर रहते हुए गरीब दलित बच्चों को पढ़ाती थी और आंदोलनों से जुड़ी रहती थीं.

अन्नी के पास शब्द कम होते तो खिल्ल से हंस देती. उसकी हंसी उसकी अभिव्यक्ति थी. आज जेल में उसकी पहली रात है. जितनी बार फिलीस्तीन के बच्चों पर ढाए जा रहे क्रूर ज़ुल्मों की तस्वीरें देखती हूं तो मुझे अन्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे का ख्याल आता है.
आज देश में प्रगतिशील लोगों पर फासीवादी हमला बेतहाशा बढ़ गया है. अनिता और बृजेश इसी कड़ी के अगले शिकार हैं. कॉमरेड अनिता और बृजेश को रिहा करो !

  • अमिता शिरीन और मनीष आजाद

Read Also –

मोदी हत्या षड्यंत्र में दलित मानवाधिकारवादियों की गिरफ्तारी पर सवाल
बुद्धिजीवियों को प्रताड़ित कर सरकार माओवादियों की नई फसल तैयार कर रही है ?
मोदी हत्या षड्यंत्र में दलित मानवाधिकारवादियों की गिरफ्तारी पर सवाल
झारखंड : आदिवासी पर हो रहे हैं पुलिसिया दमन – किस्कू की अवैध गिरफ्तारी पर खामोश सरकार
मोदी का आपातकाल : ‘न्यूजक्लिक’ से जुड़े 46 पत्रकारों के घरों पर मोदी के पुलिस की रेड 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

तुम तो मधु लिमये हो महुआ !

Next Post

फिलीस्तीनी जख्मों के नाम…

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

फिलीस्तीनी जख्मों के नाम...

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

राजद्रोह क्यों कायम है ?

March 1, 2021

क्रिकेट मानी झिंगुर

March 9, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.