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उल्लू बनाने की चालाकी : खुद को महान और दुसरों से नफरत

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 25, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
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उल्लू बनाने की चालाकी : खुद को महान और दुसरों से नफरत

हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ताहिमांशु कुमार

दुनिया का सबसे अच्छा धर्म कौन-सा है ? सही जवाब दिया बेशक आपका धर्म सबसे महान धर्म है. और सबसे अच्छी जाति कौन-सी है ? जी हां, सबको पता है आपकी जाति ही सबसे अच्छी है. और सबसे महान राष्ट्र कौन-सा है ? सारी दुनिया को पता है कि आपका राष्ट्र सबसे महान है. और सबसे घटिया राष्ट्र कौन-सा है ? बेशक वही जो आपके पड़ोस में है और खुद को आपसे ज़्यादा महान दिखाना चाहता है. और सबसे बदमाश लोग कौन से हैं ? सही कहा वही जो आपके धर्म के नहीं हैं.

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देखा आपके दिल की ये सारी बातें मुझे पहले से ही पता थी. इतराओ मत. असल में इस तरह की बेवकूफी से भरा हुआ दिमाग हरेक के पास है. दुनिया का हरेक बन्दा ऐसा ही सोचता है. अब कुछ चालाक लोग आपकी मुर्खता से फायदा उठाने के लिए आपके पास आकर कहते हैं कि देखिये आप तो कितने महान हैं लेकिन देखिये ये दुसरे घटिया धर्म वाले आपको कितना परेशान करते हैं.  ऐसा करिए आप हमें वोट दीजिये हम आपके महान धर्म के मन्दिर बनायेंगे. आप मूर्ख बन कर वोट दे देते हैं.

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ऐसा सारी दुनिया में होता है. आपको महान बता कर आपको उल्लू बनाने की चालाकी सारी दुनिया के राजनेता करते हैं. लेकिन अगर आपमें रत्ती भर भी अक्ल हो तो आप एक छोटी-सी बात भी सोच सकते हैं. कि आपका जन्म तो किसी भी देश में या किसी भी जाति में या किसी भी धर्म में हो सकता था. फिर आज आप जिस धर्म या देश के लिए पागल बन कर खून खराबा कर रहे हैं. फिर आप अपने ही धर्म को सबसे घटिया कह कर इसे ही मिटाने के लिए खून बहा रहे होते.

इसे ही तार्किक सोच या वैज्ञानिक सोच कहा जाता है. इतनी-सी बात अगर दुनिया के लोग समझ लें तो दुनिया की सारी राजनीति लोगों का भला करने में लग जाए. लेकिन लोग खुद को महान और दुसरों से नफरत करने में लगे हुए हैं. हमारी मेहनत पर दुसरे ऐश कर रहे हैं और नेता और अमीर हमारी इस मूर्खता को और भी भड़का कर हम पर राज कर रहे.

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