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सुशांत सिंह राजपूत : काले धन का स्याह सच और चुनाव की बैतरणी

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
August 11, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
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सुशांत सिंह राजपूत : काले धन का स्याह सच और चुनाव की बैतरणी

पं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ

ये जो सुशांत सिंह मामले में आप रोज-रोज अपना माथा दुखा रहे हैंं न, तो आपको बता देता हूंं कि असल मामला सिर्फ संपत्ति का है. क्योंकि सुशांत के पास दो नंबर का बहुत पैसा था, जिसे रिया उड़ा रही थी (फ़ोकट में नहीं बदले में सुशांत की शारीरिक जरूरतें पूरी करती थी). और चूंंकि उसे उसकी दो नंबरी धन का सबसे ज्यादा पता है इसीलिये वो सबसे ज्यादा दबा कर बैठी है और यही सुशांत के घरवालों की पीड़ा है.

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बाकि ये सीबीआई का चोंचला और न्यूज मीडिया का रात-दिन रिया का शोषण जो चल रहा है, वो सिर्फ प्रोपेगेंडा है. अर्थात सुशांत के नाम की बकवास कथा सिर्फ इसलिये बांंची जा रही है ताकि महाराष्ट्र में सरकार गिराया जा सके और बिहार में चुनावी फायदा बीजेपी द्वारा उठाया जा सके. इसीलिये अपना माथा दुखाना बंद कीजिये क्योंकि सबसे बड़ा प्रश्न तो यही है कि सुशांत के पास इतनी दौलत आयी कहांं से ?

इतना तो तय है कि – गिनती की कुछ फिल्मों और थोड़े से विज्ञापनों से तो 60 करोड़ नगद जैसी बड़ी रकम जुटायी नहीं जा सकती, जबकि साथ में ढेर सारी प्रॉपर्टी की खरीदी भी अलग से है (हालांंकि उसके मरने का दुःख मुझे भी है क्योंकि कलाकार अच्छा था लेकिन उसका स्याह पक्ष भी उजागर होना चाहिये न… ? ताली कभी एक हाथ से थोड़े ही बजती है ?).

चलो मान लेते हैं की सुशांत का ऐसा कोई स्याह पक्ष नहीं है और उसकी सारी संपत्ति भी एक नंबर की है तो फिर ईडी रिया की जांंच क्यों कर रही है ? अर्थात कुछ न कुछ तो गड़बड़ जरूर है और अगर कुछ भी नहीं है तो एक दूसरा सवाल उठता है कि जब कुछ है ही नहीं तो सरकार इस केस में इतना इंटरेस्ट क्यों ले रही है ? जबकि ऐसी आत्महत्यायें बॉलीवुड में रोज होती है (कम से कम एक तो रोज की मान ही लीजिये, परन्तु छोटे कलाकार होने से वे फ्रेम में नहीं आते). सिर्फ लॉकडाउन का ही डाटा निकाला जाये तो कम से कम 40 ऐसे नामचीन कलाकारों ने सुसाइड किया है, फिर सिर्फ सुशांत में इतना सरकारी इंटरेस्ट क्यों है भाई ?

कहीं सुशांत सरकार द्वारा प्लांटेड कोई जासूस तो नहीं था ? (उसकी इतनी बेनामी संपत्ति और दो नंबर का रोकड़ा बहुत कुछ कहता है. लेकिन ये प्रश्न छुपाये जा रहे है और सिर्फ रिया को फंसाने और बदनाम करने का कार्य किया जा रहा है – क्यों ?

मैं ये नहीं कहता कि रिया निर्दोष है. अगर वो दोषी है तो उसे सजा भी मिलनी चाहिये लेकिन उसे बदनाम नहीं किया जाना चाहिये क्योंकि बॉलीवुड का ये स्याह पक्ष है जिसमें बहुत-सी नहीं तो ज्यादातर फीमेल्स अभिनेत्रियां अपने शरीर के बदले धनवानों की संपत्ति पर ऐश करने के लिये उनके साथ या तो लिव-इन में रहती है या उनसे शादी कर लेती है. (इतिहास उठाकर देख लीजिये बॉलीवुड का अगर मेरी बात गलत निकले तो) और अगर रिया ऐसा करके अपने या अपने परिवार का भविष्य अगर सुरक्षित कर रही थी तो इसमें गलत क्या है ?

आप सभी अपने परिवार के लिये सेक्रिफाइज नहीं करते क्या ? आप अपने बच्चों के लिये, अपनी फैमिली के लिये आर्थिक सुरक्षा का प्रयास नहीं करते क्या ? रिया ने ऐसा किया तो वो गलत कैसे ?

आपकी नजर में उसका तरीका गलत हो सकता है, मगर ऐसे ही न जाने कितने गलत तरीके आप भी तो अपने कारोबार में अंजाम देते हैं. कितनों के शादी के बाद विवाहेतर संबंध होते हैं और कितने तो रखैल के रूप में भी दूसरी औरत रखते हैं, कितने तो वेश्यागमन भी करते हैं और कितने ही बॉसेज अपनी फीमेल स्टाफ और सेक्रेटरी के साथ संबंध बनाते हैं और बदले में उन्हें धन और प्रोन्नति का लालच देते हैं (अगर ये गलत नहीं तो वो कैसे गलत है भाई ?)

कितनी ही फीमेल्स खुद अपना शरीर परोसती है ताकि वो बिना मेहनत किये आगे बढ़ सके और ये सब आपके समाज में ढके छुपे तौर पर होता है. अगर रिया ने ये सब खुलेआम किया तो आपको क्यों दर्द उठ रहा है ? (उसने आपकी संपत्ति से तो कुछ नहीं लिया न ?)

अरे कितनी ही फीमेल्स तो पहले खुद अपना शरीर परोसती है और बाद में बलात्कार या यौन शोषण का झूठा आरोप लगा देती है. कम से कम रिया ने ये तो नहीं किया न ? बल्कि उसने तो स्पष्टतया स्वीकार ही किया है न कि हांं, वो लिव-इन में रहती थी सुशांत के साथ. और ये जो आपको उसके इस हलफनामे से दर्द हो रहा है तो अगर आपके समाज का सच बताऊंगा तो आपका पेट भी दुखने लगेगा.

क्या आप इस सच से इंकार कर सकते हैं कि कितने ही ऐसे बच्चे हैं जिन्हें रोज कचरे के ढेर में फेंक दिया जाता है ताकि किसी का पाप छुप सके. आप इस बात को नकार सकते हैं कि कितनी ही ऐसी महिलायें है जो खुद अपने बच्चे को गला दबाकर मार देती है या जमीन में गड्डा खोदकर दबा देती है ताकि उसकी की गयी अय्याशियां समाज में उजागर न हो.

अरे भाई देखा तो यहां तक है कि जिनके पुरुष लम्बे समय से मुसाफिरी में रहते हैं और पीछे से उनके बच्चे भी हो जाते हैं. पर उन्हें फर्क पड़ने की बात तो जाने दीजिये पता तक नहीं चलता कि बिना संबंध बनाये ऐसा कैसे हो सकता है कि उनकी बीवियांं बच्चे पैदा कर ले ?

अरे. कितने ही लोगों के बच्चे नेपाली, बिहारी, बंगाली जैसी देह दृष्टी वाले होते हैं जबकि उनका उनसे या ऐसे क्षेत्रों से सिर्फ इतना संबंध होता है कि वे अपनी बीवी के साथ वहां काम धंधे के लिये गये होते हैं या उनके नौकर इन क्षेत्रों के होते हैं. लेकिन क्या उन्होंने कभी अपने बच्चों का डीएनए टेस्ट करवाया है कि वे उनके बच्चे हैं या नहीं ?

मैं रिया को ऐसी किसी वजह के लिये गलत नहीं मानता. हांं, इस बात की जांंच जरूर होनी चाहिये कि अगर उसने सुशांत की दिमागी हालत ख़राब करने के लिये किसी दवा या ड्रग्स का प्रयोग किया है, तो कानून के हिसाब से जो सजा मुनासिब हो वो उसे दी जाये लेकिन साथ में ये जांंच भी हो कि सुशांत के पास इतना दो नंबर का धन आखिर आया कहांं से ?

फिर से बता रहा हूंं ये सारा प्रपंच उसी काले धन के लिये है. घरवाले सोचते हैं कि सुशांत हमारा था, अतः उसकी सारी संपत्ति हमारी है और रिया को किसी भिखारी की तरह धक्के मारकर निकाल देना चाहिये. जबकि रिया सोचती है कि उसे जब भी जरूरत हुई मैंने उसे अपनी देह दी. उसने जैसे चाहा, जो चाहा, जब चाहा उसने वो किया. अतः उसकी संपत्ति पर मेरा अधिकार है. चूंंकि कानूनी रूप से रिया को बेदखल किया नहीं जा सकता, अतः उसे फंसाया और बदनाम किया जा रहा है (ऐसा मैं सोचता हूंं). अगर इन बातों का खुलासा हुआ तो सच भी बाहर आ जायेगा.

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