Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

बिना ऐतिहासिकता समझे मोदी आपके लिए एक पहेली रहेगा और मेरे लिए एक खुली लाश

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 13, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
बिना ऐतिहासिकता समझे मोदी आपके लिए एक पहेली रहेगा और मेरे लिए एक खुली लाश
बिना ऐतिहासिकता समझे मोदी आपके लिए एक पहेली रहेगा और मेरे लिए एक खुली लाश
Subrato Chatterjeeसुब्रतो चटर्जी

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अनाम गोत्र लोगों के द्वारा शिवराज सिंह और रमन सिंह को हटाया जाना ही सिद्ध करता है कि दोनों जगह भाजपा इवीएम के सहारे जीत हासिल की है. अगर भाजपा मोदी, शिवराज या रमन सिंह के चेहरे पर दोनों राज्यों में चुनाव जीत गई होती तो मोदी सपने में भी इन दो नेताओं को हटाने की बात नहीं सोच सकते थे. अब गोबरपट्टी के चैनल इसे मोदी का मास्टर स्ट्रोक कहें या दो कौड़ी के यू-ट्यूबर जो भी कहें, मूल सच्चाई यही है.

कुछ लोग आशंका जता रहे हैं कि रमन सिंह और शिवराज सिंह 2024 के चुनाव में अपने अपने प्रदेशों में भाजपा की लुटिया डुबो देंगे. ऐसा कुछ नहीं होगा. निम्नलिखित कारण हैं, याद रखिएगा –

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

  1. पहला कारण यह है कि दोनों की कोई विश्वसनीयता अब दोनों प्रदेशों की जनता के बीच नहीं रह गई है, वर्ना इवीएम से चुनाव जीतने की नौबत नहीं आती.
  2. दूसरा, दोनों संघी हैं और संघ ग़ुलाम बनने की ट्रेनिंग देता है, विद्रोही बनने की नहीं. लाख जुतियाने के वावजूद राजनाथ सिंह और नितिन गड़करी का मोदी के पैरों पर लोटना इस बात का प्रमाण है.
  3. तीसरा और सबसे बड़ा कारण यह है कि 2024 का चुनाव, जैसा कि मैंने पहले भी विस्तार से लिखा है, फ़ासिस्ट लोगों के द्वारा हैक कर लिया जाएगा और ऐसे में किसी भी नेता या उसकी तथाकथित लोकप्रियता की कोई ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

2016 में नोटबंदी के बाद मैंने लिखा था कि कोई भी लोकतांत्रिक सरकार इस तरह के जनविरोधी फ़ैसले तभी ले सकती है जब वह इवीएम के सहारे अपनी चुनावी जीत के प्रति आश्वस्त हो. अफ़सोस कि हमारे देश की मंदबुद्धि जनता और राजनीतिक विश्लेषकों को ये बात तब नहीं समझ आई. आज सैम पित्रोदा और अन्य लोगों का मानना है कि 2019 के चुनाव में भाजपा ने क़रीब 150 सीटें इवीएम के सहारे जीतीं थी.

आप मेरी 2019 के आलेख ढूंढ कर पढ़ सकते हैं, मैंने उसी समय कह दिया था. अब सवाल यह है कि मोदी ऐसा क्यों कर रहे हैं ? इसका जवाब भी संक्षिप्त में मैंने कई बार दिया है. फ़ासिस्ट अपने कुत्तों को मार कर खा जाते हैं.

अंत में, यह सब लिखने के लिए क्या मेरे पास फ़ेसबुक छोड़ कर अन्य कोई माध्यम नहीं है ? नहीं है. भारत के प्रेस में सच छापने की हिम्मत नहीं है और कोठे (सुप्रीम कोर्ट) का हाल तो सबको मालूम है. संपूर्ण फासीवाद के लिए तैयार रहिए, बस छ: महीने बाक़ी हैं.

बिना ऐतिहासिकता को समझे आप फासीवाद नहीं समझ पाएंगे और बिना फासीवाद समझे आप मोदी को नहीं समझ पाएंगे. इसलिए मोदी आपके लिए हमेशा एक पहेली बने रहेंगे और मेरे लिए पोस्टमार्टम के बाद एक खुली हुई लाश.

Read Also –

नंगे का अर्थशास्त्र : मोदी सरकार की असंवैधानिक और विध्वंसक नोट नीति
2024 में मोदी जीतकर आए तो देश कातिलों के हाथ में होगा, हम आप सब जेल में होंगे
मोदी सत्ता ने बुराई को रोजमर्रा की मामूली चीज बना दिया है और चेतावनी का वक्त जा चुका है 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

कांग्रेस का भविष्य और भविष्य का कांग्रेस

Next Post

अनिता आजाद के अजन्मे बच्चे की ‘हत्या’ का जिम्मेदार कौन ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

अनिता आजाद के अजन्मे बच्चे की ‘हत्या’ का जिम्मेदार कौन ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

भ्रष्ट भाजपा, चुनाव आयोग की दलाली और संदिग्ध समूची चुनाव प्रणाली

April 1, 2017

LG ने पुलिस से पूछा, “कैसे ‘आप’ के विधायक बरी होते जा रहे हैं ?”

May 19, 2018

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.