Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

हाई रिस्क जोन के शगूफे

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 13, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

हाई रिस्क जोन के शगूफे

गिरीश मालवीय

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कल अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा ‘सभी को पीपीई की आवश्यकता नहीं होती है. जिस चीज की जहां आवश्यकता है, वहीं पर इस्तेमाल किया जाए.’ लव अग्रवाल ने साफ कहा कि ‘सिर्फ हाई रिस्क जोन में ही पीपीई का इस्तेमाल होता है. इसमें हेडगेयर, मास्क, बूट और कवर होता है. मोडरेट के लिए सिर्फ एन-95 मास्क और ग्लब्स की आवश्यक्ता होती है.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

ये भी खबर आई कि शाहदरा स्थित दिल्ली राज्य कैंसर अस्पताल में उपचार कर रहे तीन मरीजों को भी कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है और दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान में स्वास्थ्यकर्मियों के कोरोनावायरस की चपेट में आने के बाद अस्पताल के 50 डॉक्टर और नर्स को आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है. इनमें अस्पताल के चिकित्सा निदेशक भी शामिल हैं.

यानी यह साफ है कि हाई रिस्क जोन क्या है ? क्या हो सकता है ? यह अभी ठीक-ठीक नहीं कहा जा सकता. आप सिर्फ कोरोना के ज्ञात संदिग्धों का इलाज कर रहे स्टाफ को हाई रिस्क जोन नहीं कह सकते ! अभी जिस हिसाब से कोरोना से इतर इलाज कर रहे हॉस्पिटल में कोरोना के मरीज मिल रहे हैं, वह हमारे स्वास्थ्यकर्मियों जिसमें डॉक्टर भी शामिल है; के लिए बेहद खतरनाक सिद्ध हो सकते हैं और हो भी रहे हैंं. कल न्यूरोलॉजी की समस्या को लेकर दिल्ली के AIIMS में एडमिट हुआ मरीज़ कोरोना संक्रमित पाया गया. इसके बाद एम्स के 30 डॉक्टर्स और नर्स को क्वारंटाइन में भेज दिया गया. देश भर के हॉस्पिटल्स में ऐसे मामलों की भरमार है डॉक्टर नर्सिंग स्टाफ काम पर आने में डर रहे हैं.

केंद्र की मोदी सरकार PPE के मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की भी साफ अवहेलना कर रही है, जिसने कोरोना महामारी के खिलाफ चल रही लड़ाई में डॉक्टरों और स्वास्थकर्मियों को योद्धा बताते हुए बुधवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वे सभी स्वास्थ्यकर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) मुहैया कराएं.

खुद स्वास्थ्य मंत्रालय भी मानता है कि बाकी दुनिया की तरह भारत में भी अब बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं, यह बेहद चिंता की बात है क्योकि ऐसे मरीजों से संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है. ऐसे मरीजों को ‘फॉल्स निगेटिव’ कहा जाता है. दुनिया में करीब 30 फीसदी ऐसे मरीज मिले हैं.

ऐसे में हाई रिस्क जोन में तो सभी डॉक्टर हैं, क्योंकि वह दूसरे रोगों का इलाज नही करेंगे तो कोरोना से भी ज्यादा मौतें हो जाएगी. कल ही इंदौर में एक ऐसे डॉक्टर की मौत हुई है, जो 10 दिन पहले तक अपने क्लिनिक में मरीज देख रहे थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय को चाहिए कि सभी स्वास्थ्यकर्मियों की सम्पूर्ण सुरक्षा पर ध्यान दे, ये हाई रिस्क जोन के शगूफे न उछाले और यदि देश मे PPE किट की कमी है तो उसे स्वीकार करे और जल्द से जल्द उसका इंतजाम करे. मूर्खतापूर्ण बातें कर हमारे कोरोना वारियर्स की जान को खतरे में न डाले.

Read Also –

कोरोना संकट की आड़ में ‘द वायर’ के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन पर एफआईआर
कोरोना वायरस के महामारी पर सोनिया गांधी का मोदी को सुझाव
स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करके कोरोना के खिलाफ कैसे लड़ेगी सरकार ?

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

लॉकडाऊन के बीच कुछ अच्छी खबरें

Next Post

नियोक्ताओं-कर्मियों के आर्थिक संबंध और मोदी का ‘आग्रह’

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

नियोक्ताओं-कर्मियों के आर्थिक संबंध और मोदी का 'आग्रह'

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

समाजवादी हैं भारत में इसराइल के सबसे अच्छे मित्र और पैरोकार !

May 28, 2025

लोहे के पुल

July 21, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.