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किसान आन्दोलन पर मशहूर पॉप स्टार रियेना और नशेड़ी कंगना

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
February 5, 2021
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किसान आन्दोलन पर मशहूर पॉप स्टार रियेना और नशेड़ी कंगना

किसानों को पूरी दुनिया से समर्थन मिल रहा है. कल मशहूर अमेरिकी पॉप स्टार रियेना ने अपने ट्विटर हैंडल से किसानों के समर्थन में ट्वीट किया कि ‘हम किसानों की बात क्यों नहीं कर रहे ?! #FarmersProtest.’

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why aren’t we talking about this?! #FarmersProtest https://t.co/obmIlXhK9S

— Rihanna (@rihanna) February 2, 2021

रियेना के ट्वीट पर बड़बोली बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रानौत का बयान सामने आया है. कंगना ने ट्वीट कर कहा कि ‘कोई किसानों के बारे में बात नहीं कर रहा है क्योंकि ये किसान नहीं आतंकवादी है, जो भारत को तोड़ना चाहते हैं ताकि चाइना हमारी हमारे देश पर कब्जा कर इसे अपनी कॉलोनी बना ले, अमेरिका कि तरह. बेवकूफ चुप रहो हम तुम्हारी तरह अपना देश नहीं बेचेगे.’

https://twitter.com/KanganaTeam/status/1356640083546406913

बदमिजाज कंगना रानौत किसानों को खुलेआम आतंकवादी और देश तोड़ने वाला बता रही हैं, जो अमेरिका की मशहूर पाॅप स्टार सिंगर रियेना के जूती के भी बराबर नहीं है. बहरहाल, रियेना के माध्यम से किसान आन्दोलन को उठाये गये सवाल निश्चित रूप से दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया है, और आगे अमरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और सारी दुनिया का भी ध्यान इस ओर खीचेगा, जिसके लिए रियेना धन्यवाद की पात्र है. वहीं बदमिजाज कंगना रानौत, जिसके बारे में अर्नब गोस्वामी जैसा बिका हुआ बदनाम और दलाल एजेंट भी अपने ह्वाट्सएप चैट लीक में ‘सेक्सुअली विकृत’ मानसिकता वाली औरत बना चुके हैं, रियेना के इस ट्विट पर गलत तरीके से अपनी बात कहीं है, जिसकी जितनी निन्दा की जाये, कम है.

कंगना रनौत अर्नब गोस्वामी की बातों को पूरी तरह सच साबित करते हुए उसने अपनी नीचता और सेक्सुअली विकृत मानसिकता का नंगा प्रदर्शन दुनिया के सामने करते हुए खुद को संघी घोषित कर ट्वीट की है – ‘संघी नारी सबसे भारी…,’ बांकी का हिस्सा अश्लीलता से भरी हुई है. सवाल है क्या ‘संघी नारी’ इतनी अश्लीलता से भरी हो सकती है ? जवाब है, हां, और प्रमाण है उसका यह ट्वीट.

Sanghi Naari sabpe Bhaari Vs Libru role models their lil pussy cat dolls … come on India show them our power. #IndiaTogether #IndiaAgainstPropoganda pic.twitter.com/gEG9YVjZyF

— Kangana Ranaut (@KanganaTeam) February 3, 2021

जब इस अश्लील ट्वीट से भी मन नहीं भरा तब उसने खुद को दक्षिणपंथी रॉल मॉडल बताते हुए दनादन दूसरा ट्वीट कर दिया.

Right Wing role model VS Left Wing role model …
I rest my case.#Indiatogether #IndiaAgainstPropoganda pic.twitter.com/LkQM0MHD7B

— Kangana Ranaut (@KanganaTeam) February 3, 2021

इस पर लोगों का मानो गुस्सा ही भड़क गया. पत्रकार गिरीश मालवीय लिखते हैं कि किसी भी सेलेब्रिटी का मैंने इससे घटिया ट्वीट आज तक नहीं देखा. अब वे लोग कहांं है जो फेमिनिज्म के नाम पर कंंगना का बचाव कर रहे थे.

बहरहाल, अश्लील कंगना के ट्वीट का जवाब लोगों ने बखूबी उसके ट्वीट पर दिया है. कुछ जवाब यूं हैं. दिलीप मंडल अपने ट्विट में भारतीय अभिनेताओं का तस्वीर के साथ व्यंग्य करते हुए लिखते हैं – एक है रिहाना और ये रहे हमारे वाले.

एक है रिहाना और ये रहे हमारे वाले! pic.twitter.com/VsuFIpHY0c

— Dilip Mandal (@Profdilipmandal) February 2, 2021

वहीं दिलीप मंडल ने अपने दूसरे ट्विट में दिल्ली में किसानों के प्रवेश को निषिद्ध करने के लिए लगाये गये बैरियर और नुकीली कीलों का तस्वीर शेय र करते हुए लिखते हैं – दुुनिया का सबसे बड़े लोकतंत्र की राजधानी दिल्ली में स्वागत है.

Welcome to Delhi, capital city of the largest democracy in the world. pic.twitter.com/9m8qlIetYr

— Dilip Mandal (@Profdilipmandal) February 2, 2021

रिहाना के ट्विट पर एक संघी गजेन्द्र सिंह तोमर के सवाल पर जवाब देते हुए विजेन्द्र सिंह लिखते हैं – ‘जो लोग किसानों को बागी या खालिस्तानी बता रहे हैं, जरा यह भी देखो.’ यहां उन्होंने किसान आन्दोलनकारियों पर पुलिस बर्बरता की तस्वीर साक्षा करते हुए पूछते हैं कि ‘ये हक की आवाज है, कहां तक दबाओगे ?’

जो लोग किसानों को बागी या खालिस्तानी बात रहे है जरा यह भी देखो। ये हक की आवाज है कहा तक दबाओगे। #kisanprotest #KisanAandolan #FarmersProtest pic.twitter.com/P90kFQLhZV

— vijender singh (@ravindrapackers) February 3, 2021

वहीं एक अन्य यूजर अपनी नीचता को प्रदर्शित करते हुए बकायदा हिंसा की धमकी देते हुए किसान आन्दोलनकारि यों को खालिस्तानी बताते हुए लिखता है कि ‘खालिस्तानी लोगों, ये इंदिरा गांधी नहीं है, मोदी है. 84 नहीं, 2002 होगा.’ अर्थात्, गुजरात की तरह नरसंहार कर दिया जायेगा, अर्थात्, किसान आन्दोलनकारियों की हत्या कर दी जायेगी. यह तो खुलेआम हिंसा के लिए लोगों को जहां एक ओर उकसा रहा है, वहीं किसान आन्दोलनकारियों को खत्म कर देने की खुलेआम धमकी दी जा रही है.

खालिस्तानी लोगों, ये इंदिरा गांधी नहीं है, मोदी हैं।84 नहीं , 2002 होगा ।

— Janteloven (@JanteLaws) February 2, 2021

We support farmers #FarmersProtest #अब_किसान_कमल_काटेगा pic.twitter.com/32dB2E6jAA

— Prashant Maithil 🇮🇳 (@your_pm_) February 3, 2021

किसान आन्दोलन पर रिहाना के कमेंट पर अंधभक्तों के महाप्रलाप कि देश के आन्तरिक मामले में किसी को बोलने का हक नहीं है, के जवाब में यूजर हरजप भंजल लिखते हैं कि ‘अंधभक्त रिहाना से कहता है कि हमारे आन्तरिक मामलों से बाहर रहे. यहां आपकी जरूरत नहीं है.’ वे करारा जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर की पूजा करते अंधभक्तों का एक तस्वीर शेयर करते हुए कहते हैं कि कुछ माह पूर्व यही अंधभक्त ट्रंप की पूजा करते थे.’ क्या ट्रंप के चुनाव प्रचार में मोदी का जाकर यह कहना कि ‘अबकि बार ट्रंप सरकार’ का नारा लगाना किसी देश के आन्तरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं है ?

Go girl!! 🔥🔥👏👏👏

Andh Bakhts to Rihanna right now: 'Please stay out of our internal matter. It doesn't concern you'

Also Andh Bakhts a few months ago: pic.twitter.com/HH9VW3Q4YI

— Harjap Singh Bhangal (@HarjapBhangal) February 2, 2021

वहीं रिहाना के ट्विट की तारीफ करते हुए चेतन नामक एक यूजर लिखते हैं – ‘सोनिये दिल जीत लिया आपने आज ये ट्विट करके. मैं आप पर गर्व करता हूं. इस मुद्दे पर अधिक और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, हमारे किसान परेशानी का सामना कर रहे हैं, लेकिन वे समस्या को हल करने के लिए तैयार नहीं हैं, हमारे मोदी सरकार के अहंकार ने गलत तरीके से वापस लेने की अनुमति नहीं दी है. किसान हमारे हीरो हैं.’

https://twitter.com/chetan4_U/status/1356793491909603330

रिहाना के एक पंक्ति के टिृवट ने भारतीय राजनीति के गिद्दों को प्रकंपित कर दिया है और आगे इसके दूरगामी परिणाम निकलेंगे. इसके साथ ही रिहाना का यह ट्विट उन भारतीय तथाकथित अभिनेताओं और अप्सराओं के गाल पर कारारा तमाचा है, जो किसान आन्दोलन के सवाल पर या तो अपना मूंह सिल लिये हैं अथवा किसान आन्दोलनकारियों के खिलाफ जाकर उसे आतंकवादी, खालिस्तानी, चोर, डाकू बोलने में जरा भी हिचक नहीं करते और अगले ही पल किसानों के उपजाये हुए अन्न को भकोस लेते हैं.

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