Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

यसीन मलिक : कश्मीरी राष्ट्रीयता के संघर्ष का लोकप्रिय चेहरा

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 22, 2022
in ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
यसीन मलिक : कश्मीरी राष्ट्रीयता के संघर्ष का लोकप्रिय चेहरा
यसीन मलिक : कश्मीरी राष्ट्रीयता के संघर्ष का लोकप्रिय चेहरा

यूक्रेन जो सोवियत संघ का एक हिस्सा था, पर रुस के हमले पर छाती पीटने वाली पश्चिमी मीडिया और भारतीय मीडिया जिस तरह यूक्रेन के राष्ट्रीयता की आजादी की मांग के साथ खड़ा है और नवनाजी जेलेंस्की के साथ मिलकर आजादी की गीत गा रही है, ठीक उसी तरह कश्मीर में चल रही संयुक्त कश्मीर के आजादी की मांग के लिए लड़ रही कश्मीरी राष्ट्रीयता के समर्थन में पश्चिमी और भारतीय मीडिया घिग्घी क्यों बंध जा रही है ? जबकि कश्मीरी जनता पर भारतीय सेना का कहर उसी तरह ढ़ाया जा रहा है.

भारत की तथाकथित आजादी के बाद से ही कश्मीर घाटी तीन हिस्सों में बंट गया. तीन हिस्सों में विखण्डित कश्मीर की एकजुटता कश्मीरी जनता की सबसे बड़ी महत्वाकांक्षा है और इसी महत्वाकांक्षा का सबसे लोकप्रिय चेहरा है यसीन मलिक. यसीन मलिक ने कश्मीरी आवाम की इस महत्वाकांक्षा के लिए जिस संगठन का गठन किया, वह है – जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट. जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) घाटी का न केवल सबसे महत्वपूर्ण संगठन है बल्कि सबसे ताकतवर संगठन भी है.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

कश्मीरी राष्ट्रीयता की लड़ाई लड़ने वाला जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट न केवल भारत अधिकृत कश्मीर में भारत सरकार के खिलाफ अपितु पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ भी सशस्त्र आन्दोलन का नेतृत्व कर रहा है. यही कारण है कि इस संगठन पर न केवल भारत बल्कि पाकिस्तान समर्थित राज्य आतंक का सीधा हमला होता है. दूसरे शब्दों में कहा जाये तो कश्मीरी राष्ट्रीयता की लड़ाई भारत और पाकिस्तान दोनों के सशस्त्र सेनाओं से है.

भारत अधिकृत कश्मीर में भारत समर्थक राजनीतिक दलों के समर्थन में लाखों की तादाद में भारतीय सेना कश्मीरी जनता पर जुल्म ढ़ा रही है, उसकी हत्यायें कर रही है, कश्मीरी महिलाओं के साथ बलात्कार को अंजाम दे रही है, तो वहीं पाकिस्तान समर्थक राजनीतिक दलों के द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर भी पाकिस्तानी सेना द्वारा इसी तरह का दमन ढ़ाया जा रहा है. यही कारण है कि जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट और उसकी समर्थक आजादी की मांग कर रही जनता इस दोनों देश की फौज का निवाला बन रही है.

भारत सरकार ने विगत दिनों जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट पर प्रतिबंध लगा दिया है. यासीन मलिक के नेतृत्व वाला ये संगठन राज्य में आजादी का नारा लगाने वाला पहला संगठन था, जिसने शुरू में भाजपा के एक नेता को निशाना बनाया था जो कश्मीर में भारत समर्थक राजनीति दल के तौर पर उभरा और वहां की जनता पर भारतीय सेना के माध्यम से जुल्म ढ़ा रहा है, जो कश्मीरी पंडित थे.

घाटी में 1988 से सशस्त्र संघर्ष चलाने के कारण जेकेएलफ पर शुक्रवार को प्रतिबंध लगा दिया है. आजादी का नारा लगाते हुए इस समूह ने भारत समर्थक कश्मीरी पंडितों, सरकारी कर्मचारियों और कश्मीरी लोगों पर जुल्म ढ़ाने वाले ताकतों को अपना निशाना बनाते हैं. जेकेएलएफ ने पहली बार 14 सितंबर 1989 को भारत समर्थक एक कश्मीरी पंडित जो बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित टीकालाल तापलू थे, की हत्या की. इस संगठन ने तीन सरकारी इमारतों में विस्फोट भी किया, जिसमें एक अगस्त 1988 को श्रीनगर के टेलीग्राफ कार्यालय में किया विस्फोट शामिल है.

जेकेएलएफ के सदस्यों ने 17 अगस्त 1989 को श्रीनगर में भारत समर्थक नेशनल कॉन्फ्रेंस के स्थानीय नेता मोहम्मद यूसुफ हलवाई, सेवानिवृत्त सत्र न्यायाधीश एन. के. गंजू की भी चार अक्टूबर 1989 को गोली मारकर हत्या कर दी, जिन्होंने जेकेएलएफ नेता मकबूल भट्ट को मौत की सजा सुनाई थी.

तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद का आठ दिसंबर 1989 को उस समय श्रीनगर में अपहरण कर लिया था, जब वह अस्पताल से घर लौट रही थी. जिसके बदले जेल में बंद जेकेएलएफ के पांच नेताओं को छोड़ने पर पांच दिन बाद 13 दिसंबर को रुबिया सईद को रिहा किया गया. इस संगठन द्वारा 25 जनवरी 1990 को वायुसेना के चार अधिकारियों की भी हत्या की गई.

घाटी में अपनी आजादी के लिए कश्मीरी राष्ट्रीयता के लिए सशस्त्र संघर्ष चला रहे इस संगठन की तमाम गतिविधि कश्मीरी आवाम की महत्वाकांक्षा से मेल खाता है. यही कारण है कि भारतीय सेना के हर हमले का जवाब वहां की समूची आवाम एकजुट होकर देती है. और भारत सरकार की सेनाएं कश्मीरी जनता पर किस तरह दमन ढ़ाती है, कश्मीर पर बनी फिल्म थी ‘धोका’ में अनुपम खेर, जो आज कश्मीरी पंडित के बहाने साम्प्रदायिक नफरत का पोस्टर ब्यॉय बन गया है, कश्मीरी बाप का किरदार बहुत ही बेहतरीन तरीके से निभाया था, और उसी फिल्म का यह दृश्य है, जिसमें भारतीय सेना को अनुपम के सामने उसकी बेटी का बलात्कार करते हुए दिखाया गया है, जो वहां की हक हकीकत भी है. नीचे वह दृश्य देखिये और कश्मीरी आवाम के साथ भारतीय सेना के आतंक को महसूस कीजिए.

http://www.pratibhaekdiary.com/wp-content/uploads/2022/03/10000000_2092272770949747_1017946578683673783_n.mp4

Read Also –

‘मोदी पाईल्स’ के नाम से कुख्यात हो रहा है साम्प्रदायिक उन्माद भड़काता ‘कश्मीर फाईल्स’
शिकारा बनाम कश्मीर फ़ाइल्स- एक फ़िल्म पर चुप्पी, एक फ़िल्म का प्रचार प्रसार
जम्मू-कश्मीर विवादः संवैधानिक और सैनिक समाधान की विफलता
नेहरू की वजह से कश्मीर समस्या है ? सच क्या है ?
कश्मीर पर मोदी गैंग की नीति
कश्मीरियों के नरसंहार की साजिश के खिलाफ सवाल
कश्मीर समस्या और समाधन : समस्या की ऐतिहासिकता, आत्मनिर्णय का अधिकार और भारतीय राज्य सत्ता का दमन
मोदी-शाह ने बारुद के ढ़ेर पर बैठा दिया कश्मीर को
कश्मीर घाटी को नोचती गिद्धें
कश्मीर : समानता के अधिकार की ज़मीनी सच्चाई

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

भारत से समस्त मुसलमानों को 1947 में ही पाकिस्तान भेजने वाली बात भारत-द्रोह और राष्ट्रघात

Next Post

पत्रकारिता की चाल, चरित्र और चेहरा

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

पत्रकारिता की चाल, चरित्र और चेहरा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

कोरोना के नाम पर जारी लॉक अनलॉक की भयावह तस्वीर

June 8, 2021

भारत में जम्हूरियत लागू होकर भी राजशाही से ज्यादा क्रूर तानाशाही के तेवर

February 22, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.