Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

एफआरसीए, 2010 संशोधन विधेयक: भ्रष्टाचार पर भाजपा की ‘जीरो-टाॅलरेन्स’ नीति

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 29, 2018
in ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

एफआरसीए, 2010 संशोधन विधेयक
आम आदमी पार्टी के 2 करोड़ के ‘‘विदेशी चंदे’’ पर बबाल काटने वाली भाजपा, कांग्रेस और भाजपा के स्पीलर एजेंट कपिल मिश्रा को जब भ्रष्टाचार के मामले में आम आदमी पार्टी को फंसाने के लाख जतन करने के बाद भी जब आम आदमी पार्टी पर कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ, उल्टे इस लपेटे में खुद कांग्रेस और भाजपा आ गई, तब केन्द्र की भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टाॅलरेन्स’ की नीति पर काम करते हुए राजनीतिक दलों को विदेशों से मिले चंदे को कानूनी बनाने के लिए विदेशी चंदा नियमन कानून, 2010 में एक संशोधन विधेयक संसद में बिना किसी बहस के पारित करा लिया. केन्द्र की भाजपा सरकार ने कांग्रेस और भाजपा सहित विभिन्न राजनैतिक दलों को मिले विदेशी चंदे पर किसी भी जांच की संभावना को खारिज करने के लिए संसद में लाई इस संशोधन विधेयक के माध्यम से सन् 1976 ई. तक से इस कानून को प्रभावी बना दिया है, जिससे भविष्य में भी कभी इस विदेशी चंदे की किसी भी जांच से बचा जा सके और भविष्य में लिये गये करोड़ों के विदेशी चंदे को भी काूननीजामा पहनाया जा सके.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

इस एफआरसीए, 2010 काूनन में संशोधन विधेयक के 976 से प्रभावी किये जाने के बाद भाजपा और कांग्रेस के तमाम विदेशी चंदे अब कानूनी बन जायेंगे, अर्थात्, भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टालरेन्स’ की नीति पर चलते हुए केन्द्र की भाजपा सरकार ने विदेशी चंदे को अब काूननी बना दिया है. मालूम हो कि दिल्ली उच्च न्यायालय के 2014 ई. के फैसले में एफसीआरए, 2010 कानून के तहत भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों को दोषी पाया था. विदेशी चंदा नियमन कानून, 2010 विदेशी कंपनियों को राजनीतिक दलों को चंदा देने से रोकता था, जो अब पूर्णतः निष्प्रभावी बना दिया गया है. केन्द्र की भाजपा सरकार ने वित्त विधेयक, 2018 में 21 संशोधनों को बिना किसी बहस के पारित करा लिया है, जिसमें एक संशोधन यह विदेशी चंदा नियम कानून, 2010 भी था.

वहीं भाजपा सरकार ने वित्त अधिनियम, 2016 के जरिये विदेशी कम्पनियों की परिभाषा में भी बदलाव किया है. इस नई परिभाषा के अनुसार अगर किसी कम्पनी में 50 प्रतिशत से कम शेयर पूंजी विदेशी कम्पनियों के पास है, तो वह विदेशी कम्पनी नहीं मानी जायेगी. इस संशोधन को पिछले तिथि सितम्बर, 2010 से लागू किया गया है.

शोध संस्थान एसोसिएशन फाॅर डेमोक्रेटिक रिफाॅर्म की एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘वित्त वर्ष 2012-13 से 2015-16 के बीच के 4 वर्षों में भाजपा और कांग्रेस सहित कुछ पांच राष्ट्रीय पार्टी को 956.77 करोड़ रूपये का काॅरपोरेट चंदा मिला है, जिसमें अकेले भाजपा को 705 करोड़ रूपये जबकि कांग्रेस को 198 करोड़ रूपये मिला है, जबकि भाकपा और माकपा को क्रमशः 4 और 17 फीसदी चंदा मिला है.

इस रिपोर्ट के अनुसार देश की पांच राष्ट्रीय पाटियां जिसमें भाजपा, कांग्रेस, भाकपा, माकपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को माना गया है, 1,933 ऐसे दानदाताओं से कुल 384.04 करोड़ रूपये चंदा मिला है, जिन्होंने चंदे के फार्म में पैन नम्बर का उल्लेख नहीं है. इसके अलावे 355.08 करोड़ रूपये ऐसे हैं, जिसमें चंदा देने वाले दानदाताओं ने अपने पतों का भी उल्लेख नहीं किया है. इस बेनामी चंदे की राशि का 99 फीसदी (159.59 करोड़ रूपया) अकेले भाजपा को मिला है.

देश की राजनीतिक दलों को दिये जा रहे ये बेनामी चंदे निश्चित तौर पर देश की जनता के हितों के खिलाफ भारी मुनाफा कमाने के लिए देश की नीतियों में बदलाव लाने हेतु ही दी जा रही है, जिसका परिणाम देश की विशाल आबादी को भूखमरी, अशिक्षा, बेरोजगारी, बदहाल किसान की आत्महत्या के भयावह कालिमा के रूप में देखा जा सकता है, जो आगे और भी भयानक होते जायेंगे. देश के विदेशी कम्पनियों के हाथों बिक चुके ये राजनीतिक दल देश की जनता के लिए कोढ़ के समान है, जिसकी विश्वसनीयता देश की जनता के सामने जितनी जल्दी खत्म हो जाये, देश और देश की जनता का भला होगा ताकि देश की जनता द्वारा नये राजनीतिक विकल्प तलाशे जा सके.

Read Also –

देश की अर्थव्यवस्था और जनता
पीएनबी घोटालाः ‘भविष्यद्रष्टा’ मोदी के ‘पकौड़ा रोजगार’ का विस्तार

Previous Post

माफीनामाः अरविन्द केजरीवाल के सधे कदम

Next Post

इराक में भारतीय मजदूरों की हत्याः जब भारत सरकार अपने ही नागरिक के बयान पर यकीन नहीं की

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

इराक में भारतीय मजदूरों की हत्याः जब भारत सरकार अपने ही नागरिक के बयान पर यकीन नहीं की

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

क्रूर संघवाद का प्रदर्शन : एक देश और हर चीज एक जैसी

September 14, 2020

हिजड़े

May 30, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.