
केन्द्र की सत्ता में मोदी के आते ही भाजपा भ्रष्टाचारियों और बलात्कारियों के सबसे सबसे बड़े पैरोकार बन गये हैं निहाल चंद जैसे बलात्कारी को केंद्र में यों ही मंत्री नहीं बनाया गया है, जिसे राज्य पुलिस सम्मन लेकर ढ़ूंढ़ रही थी. इसी के साथ भाजपा ने केंद्र में एक नये मंत्री पद का निर्माण किया-बलात्कारी केन्द्रीय मंत्री पद.
देश भर में महिलाओं पर हो रहे हमले केंद्र की भाजपा सरकार की नियत पर सवाल खड़े करते हैं. प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में बीएचयू की छात्राओं को पुरुष पुलिसकर्मियों के द्वारा आधी रात को गर्ल्स हॉस्टल में घुसकर बेरहमी से पीटना एक ऐसी अनोखी घटना थी, जिसकी अन्यत्र कहीं उदाहरण नहीं मिलती है. इसके साथ ही इस घटना पर कोई कार्रवाई के बजाय आरोपियों को पुरस्कृत किया गया. दुनिया भर में इससे भयानक उदाहरण कहीं नहीं मिल सकता जब महिलाओं पर हमले करने और करवाने वाले को पुरस्कृत किया गया हो.
‘विकास वारला’ ने विकास यात्रा कर कुलदीप सेंगर का रुप धारण कर लिया है. अब वह केवल बलात्कार ही नहीं करता है वरन् बलात्कार की शिकायत करने पर पीड़िता के पिता की भी हत्या करता है, वह भी पुलिस के साथ मिलकर. बलात्कार और हत्या का यह संगम भाजपा नेतृत्व के सफल बलात्कार प्रोत्साहन के वगैर असंभव है वरना बलात्कार का आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को मीडिया के सामने बेहयाई से हंसते हुए यह कहने की हिम्मत नहीं होती कि ”अरे, आरोप लगाने वाले नीच किस्म के लोग हैं.”. भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की यह नीचता जजों की टिप्पणी की भी याद दिलाती है जब कोलकता में बकरी चोरी के झूठे केस में रिहा हुए नवीन डोम द्वारा क्वीन नामक महीला पर किये गये मानहानी के केस को मजिस्ट्रेट ने यह कहते हुए खारिज किया कि वह निम्न जाति का आदमी है जिसकी कोई इज्जत नहीं होती. फिर मानहानि किस बात का. तो वहीं राजस्थान में महिला सशक्तिकरण का अभियान चलानेवाली भंवरी देवी के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में अदालत ने निर्णय दिया कि चूंकि भंवरी देवी अछूत जाति की है और आरोपित सवर्ण. किसी अछूत के साथ सवर्ण बलात्कार नहीं कर सकता और आरोपी बरी हो गये.
कोर्ट और उसके जज जहां बलात्कारियों के पक्ष में “न्याय” करता है तो अब वही भाजपा के नेता और कार्यकर्ता तो दूर उसके विधायक, सांसदोंं, मंत्री और खुुुद प्रधानमंत्री मोदी तक बलात्कार के आरोपों से घिरे हुए हैं. इन बलात्कार आरोपियों पर कार्रवाई तो दूर उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है और ऊंचे पदों पर बिठाया जाता है.
कुलदीप सेंगर ने न सिर्फ सामूहिक बलात्कार के आरोपों से घिर चुके हैं बल्कि पीड़ित के पिता की भी हत्या कर यह जता दिया है कि भाजपा के शासनकाल में न केवल बेटी ही वरन् उसके पिता और अभिभावक तक असुरक्षित है. सोशल मीडिया पर वायरल यह कमेंट भाजपा नेताओं पर कड़ी टिप्पणी है –
“बेटी: माँ भाजपा नेता आ रहा है.
“माँ: तू अन्दर आ जा.
“बेटी: साथ में भक्त भी आ रहा है.
“माँ: बकरी को भी अंदर ले आ.”
3 अप्रैल को मुक़दमा वापस न लेने पर विधायक के भाई ने पीड़िता के पिता को बेरहमी से पीटा था. बावजूद इसके आरोपी विधायक पर केस दर्ज करने की बजाय पुलिस ने पीड़िता और उसके परिवार पर ही केस दर्ज कर लिया और पिता को ज़ख़्मी हालत में जेल भेज दिया. इसके बाद पीड़िता और उसके परिवार ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की. इसके बावजूद बलात्कार और हत्या के आरोपी भाजपा विधायक का बेखौफ रवैया दर्शाता है कि महिलाओं के खिलाफ अभी और भी हमले होने हैं अगर यह देश इन बलात्कारी और हत्यारों को ससमय सजा न दे पाया.
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