Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

मोदी की डिग्री बनाम निजता का अधिकार !

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
August 21, 2025
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
मोदी की डिग्री बनाम निजता का अधिकार !
मोदी की डिग्री बनाम निजता का अधिकार !

कोई आदमी अपनी डिग्री दो कारणों से नहीं दिखाता है- पहला, या तो वह फेल हो और पास होने का हल्ला कर रखा हो. दूसरा, या तो वह सिर्फ पासिंग नम्बर पाया हो, मने खिंच खांच कर ग्रेस मार्क से पास हो गया हो…!! बाकी बढ़िया नम्बरों से पास लड़के, लड़कों के परिजन यहां सोशल मीडिया पर दस बार डिग्री पब्लिक करके बधाईयां बटोरते है.

लंबी लड़ाई के बाद कांग्रेस की मनमोहन सरकार ने जनता को जानने का अधिकार दिया था. उस अधिकार के तहत गटरगैस के अनुसंधानकर्ता, रॉकेट विज्ञानी प्रधानमन्त्री की डिग्री किसी नीरज नामक व्यक्ति ने मांग लिया. चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी को आदेश दिया कि रॉकेट विज्ञानी की डिग्री दिखाई जाए. रॉकेट विज्ञानी को यह बात बड़ी नागवार लगी, उन्होंने आनन फानन में जनता को मिले इस अधिकार पर फावड़ा चला दिया.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

खैर फावड़ा बाद में चला ऑर्डर पहले हो गया था, अब मामला दिल्ली यूनिवर्सिटी के पास था. उसकी कॉलर राकेट विज्ञानी के गुंडों ने पकड़ा और कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट जाओ और फैसले को चैलेंज करो. फैसला चैलेंज हुआ, कोर्ट ने स्थगन आदेश दिया कि अभी डीग्री नहीं दिखाई जाएगी, पहले सुनवाई होगी…!

फिर यहां के न्याय का जो राष्ट्रीय चरित्तर है, उसके अनुसार तारीख पर तारीख चलता रहा, लेकिन सूचना मांगने वाला भी जिद्दी नागरिक ठहरा, लड़ता रहा, कोर्ट में चप्पल घसीटते रहा.

दिल्ली यूनिवर्सिटी की तरफ से अटॉर्नी तुषार ने राकेट विज्ञानी को नंगा होने से बचाने के लिए दलीलें दी कि जो आदमी प्रधानमन्त्री पद पर बैठा है, उसकी डीग्री थर्ड आदमी को दिखाने से निजता का उल्लंघन होगा ! यह ठीक वैसे ही था जैसे पोलिंग का वीडियो फुटेज देने से चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार नंगा हो जाता. तो उसने खुद को नंगा होने से बचाने के लिए वोटर की निजता का हवाला देकर वीडियो फुटेज देने से इंकार कर दिया.

खैर लंबी सुनवाई के बाद कल फैसले का टाइम आया, तो जज साहेब फैसला देने से भाग गए. शायद कोई डील अबतक न हुई हो या उनको भी लोया बनने का डर सता रहा हो. अब अगली तारीख 25 अगस्त को नियत की गई है, देखिए जज साहेब आते हैं कि फिर छुट्टी पर चले जाते हैं ?

प्रधानमन्त्री के डीग्री विवाद पर मेरा तो यह कहना है कि जज साहब को डरने की जरूरत नहीं है. उनको फैसला सुनाना चाहिए और उसमें फाइंडिंग देना चाहिए कि- महामानव, नॉन बायोलॉजिक, परमेश्वर के दूत की डिग्री मांगना राष्ट्रद्रोह है इसलिए यह याचिका खारिज की जाती है और सूचना मांगने वाले को तत्काल फांसी पर लटकाया जाता है ताकि भविष्य में कोई भी नागरिक महामानव की डिग्री मांगने की भयंकर भूल न कर सके…!!

और वैसे भी डीग्री की क्या जरूरत है जब वो बिना डीग्री के ही, मीडिया के प्रचार और खुद के नाच नौटंकी, जोकरई से असंख्य उच्च शिक्षा प्राप्त डिग्रीधारियों को विगत दस साल से लल्लू बनाकर झोला थमाए पीछे पीछे घुमा ही रहे हैं.

खैर, कोर्ट ने 25 अगस्त का डेट लगा दिया है तो फेवरेवल आदेश का इंतज़ार कीजिये बाकी तथाकथित मिस्टर ईमानदार खुद के भ्रष्ट आचरण और भ्रष्टाचार पर उंगली किये जाने से बचने के लिए हमसे/आपसे राईट टू इनफार्मेशन का अधिकार छिनने की नीचता तो दिखा चुके हैं.

  • शारदेंदु कुमार पांडेय 

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लॉग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लॉग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate

Previous Post

कब्रिस्तान और श्मशान वाली मोदी सरकार में इस देश में लाश को खुद के खेत में गड़ने की हैसियत नहीं है !

Next Post

चुनाव आयोग पर उठते सवाल क्या माओवादियों को सही साबित कर रहा है ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

चुनाव आयोग पर उठते सवाल क्या माओवादियों को सही साबित कर रहा है ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

‘‘आपकी पाॅलिटिक्स क्या है … ?’’

May 16, 2017

माओवादियों की मुखबिरी में इस्तेमाल ग्रामीणों पर पुलिसिया कहर

February 10, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.