Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

आखिर क्यों अरविन्द केजरीवाल को भ्रष्ट साबित करने पर तुली है भाजपा की केन्द्र सरकार?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 11, 2017
in ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भ्रष्टाचार के खिलाफ उठे विशाल जनान्दोलन की लहर से निकली एक छोटी पार्टी ने जब दिल्ली की सत्ता पर काबिज होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया तभी उसी लहर पर सवार होकर केन्द्र की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी ने भ्रष्टाचार का तगमा अपने गले में लटकाये अंबानी और अदानी जैसे काॅरपोरेट घरानों की दलाली में उसके साथ पृथ्वी की परिक्रमा में जुट गया और विश्व भर में अपनी हंसी उड़वाई. ये दोनों ही घटनायें रामलीला मैदान के ही एक छोर से निकली थी. दिल्ली की सत्ता पर काबिज एक छोटी पार्टी जो अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने आन्दोलन को गति प्रदान कर रही थी, वही बायप्रोडक्ट के तौर पर निकली नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी भ्रष्टाचार को कानूनीजामा पहनाने के लिए दिन-रात एक कर रही थी. भारतीय जनता पार्टी के इस ‘महान काम’ को विघ्नरहित पूरा करने में एक मात्र अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ही बाधा बन रही थी. यह बाधा तब बहुत बड़ी साबित हुई जब भारतीय जनता पार्टी के ‘आराघ्य-देव’ अंबानी के खिलाफ ही अरविन्द केजरीवाल ने थाना में एफ.आई.आर. दर्ज करवा दिया. यह घटना भारत के इतिहास में पहली बार घटी एक आश्चर्यजनक घटना थी. इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने मिलकर आम आदमी पार्टी के अल्पमत में बनी दिल्ली सरकार को ही गिरा दिया. फिर केन्द्र की भाजपा सरकार ने शुरू किया तोड़-जोड़ का वह ‘महान प्रयास’ जिसके माध्यम से उसने देश के कई राज्यों में विपक्ष की सरकार को गिरा कर अपनी सरकार बनाया.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

भारतीय जनता पार्टी के अथक प्रयास के बावजूद भी जब आम आदमी पार्टी को तोड़ पाने में कामयाबी हाथ नहीं लगी तब जाकर पूरे 9 महीने बाद दिल्ली में दुबारा चुनाव की घोषणा की गई. जिसमें आम आदमी पार्टी की जबर्दस्त जीत ने यह साबित कर दिया कि ईमानदारी की तेज धार अभी बिकने को तैयार नहीं है. इसके बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ अरविन्द केजरीवाल और भ्रष्टाचार के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी के बीच जबर्दस्त भिड़ंत हुई. भाजपा ने अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ अपने तमाम दलाल सी.बी.आई., ई.डी., आई.बी., दिल्ली पुलिस, एल.जी., यहां तक कि दिल्ली हाईकोर्ट के जजों को भी खरीद कर हमला बोल दिया और अरविन्द केजरीवाल को डराने के लिए उसके एक-एक कर 14 विधायकों को जेल के सलाखों में बंद करने का दुश्प्रयास किया. वहीं अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के पास बचे एक मात्र संस्था ए.सी.बी. के जरिये ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ दिया. अरविन्द केजरीवाल के ए.सी.बी. के इस जंग से घबराये भ्रष्टों की पार्टी बन चुकी भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली सरकार के इस संस्था – ए.सी.बी. – को ही पारा मिलिट्री फोर्स भेज कर अपने दलाल मीणा को इस संस्था के प्रमुख पद पर बैठा दिया. दिल्ली सरकार को अपंग बनाने की पूरी कोशिश में हाई कोर्ट के जज को खरीदकर यह फैसला भी करवा लिया कि ‘‘सत्ता संस्थान में एक चुनी हुई सरकार का कोई महत्व नहीं होता और वह गवर्नर के मातहत होता है.’’ विश्व के इतिहास में लोकतंत्र के नाम पर कोर्ट के इस्तेमाल और कोर्ट के इस बहसियाना फैसले ने जिस प्रकार लोकतंत्र को कलंकित किया, ऐसी दूसरी मिसाल अन्यत्र नहीं मिलती. इससे आगे बढ़कर केन्द्र की भाजपा सरकार ने चुनाव आयोग को ही डरा-धमकाकर या उसे अपना दलाल बना कर लोकतंत्र और चुनाव के नाम पर ई.वी0एम. द्वारा अश्लीलतम खेल का शुरूआत कर दिया है.

केन्द्र के भाजपा सरकार के तमाम उपक्रमों के बाद भी जब दिल्ली की आम आदमी पार्टी को झुकाने में भारतीय जनता पार्टी कामयाब नहीं हुई तब दिल्ली सरकार के सचिव राजेन्द्र कुमार को फर्जी केशों में फंसा कर इस बात के लिए मजबूर किया जाने लगा कि ‘‘ऐसा कोई बयान दो जिससे अरविन्द केजरीवाल को बदनाम किया जा सके अथवा उसे गिरफ्तार कर जेल के सलाखों के पीछे भेजा जा सके.’’ अर्थात्, केजरीवाल को खत्म किया जा सके. पर जब राजेन्द्र कुमार तैयार नहीं हुए तब उसी को जेल में बंद कर दिया गया. दूसरी तरफ केन्द्र की भाजपा सरकार ने देश के तमाम मीडिया संस्थानों को खरीद कर अपना गुलाम बना लिया और दिन-रात अपने गुणगान और केजरीवाल के आम आदमी पार्टी के खिलाफ दुश्प्रचार में लगा दिया. वहीं दूसरी तरफ अपेक्षाकृत स्वतंत्र सोशल मीडिया पर – एक रिपोर्ट के अनुसार – 80 हजार से ज्यादा अपने ट्रोल को बैठा कर उन तमाम लोगों को निशाने पर लेकर गाली-गलौज देने की मुहिम को तेज कर दिया जो सच्चे और ईमानदार लोग भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बोलते या लिखते थे.

See also:
कुमार विश्वास का “अविश्वास”
सोशल मीडिया पर अन्ना हजारे की जम कर उड़ी खिल्ली
आम आदमी के साथ गद्दारी करते अन्ना हजारे
मसखरों का खेल है चुनाव
आखिर अरविन्द केजरीवाल ही क्यों?

पर इन तमाम प्रयासों से भी भारतीय जनता पार्टी के द्वारा भ्रष्टाचार को निर्विघ्न जारी रखने में आम आदमी पार्टी के प्रतिरोध को रोक पाने में जब कामयाबी नहीं मिली तब उसका नया पैंतरा चुनाव आयोग के माध्यम से खेला गया. बिक चुके दलाल चुनाव आयोग के माध्यम से पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली एम.सी.डी. चुनाव में ई.वी.एम. को ही हैक कर आम आदमी पार्टी को रोकने का एक प्रयास किया गया. पर जब ई.वी.एम. हैक की यह प्रक्रिया भी नंगे चिट्टे रूप में खुलकर सामने आ गई है तब आम आदमी पार्टी को ही तोड़ने के नये प्रयास के तहत् राजनीतिक रूप से शून्य कुमार विश्वास को ही ‘विश्वास’ में लेकर केजरीवाल पर हमला करावाया गया. फिर कुमार विश्वास के ही कंधे पर बंदूक रखकर भाजपा के नये जरखरीद ‘‘बिन्नी’’ कपिल मिश्रा को – जो आम आदमी पार्टी में मंत्री था – को उतारा. पर यह भी हर बार की ही तरह उस समय फुस्स साबित हो गया जब कपिल मिश्रा के अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ आयोजित अनशन में घुस कर भारतीय जनता पार्टी का ही एक कार्यकत्र्ता यह कहकर कपिल मिश्रा पर लात-जूता की बारिश कर दी कि ‘‘वह आम आदमी पार्टी का कार्यकत्र्ता है.’’ इतना ही नहीं वी. के. सिंह, किरण बेदी सहित अन्ना हजारे तक को अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ उतारने का प्रयास किया पर जैसा कि देश की जनता ने साफ कर दिया कि अन्ना हजारे समेत ये सारे लोग केवल पिटे हुए मोहरे ही हैं, कपिल मिश्रा भी इससे अलग नहीं है. वे भारतीय जनता पार्टी का केवल एक मोहरा भर ही है, जो आम आदमी पार्टी के सरकार में रहकर भाजपा के एजेंडा को लागू कर रही थी.

इस सबके सार में लाख टके का प्रश्न है कि ‘‘आखिर क्यों भारतीय जनता पार्टी अरविन्द केजरीवाल को भी अपने जैसा ही भ्रष्ट साबित करने पर तुली हुई है ?’’ तो इसका जवाब यह है कि आज तक की कांग्रेस-भाजपा सहित तमाम सरकारों ने देश के काॅरपोरेट घरानों की चाकरी में देश की विशाल आबादी को बर्बादी की कागार पर पहुंचा दिया है. देश के लोगों को भूखमरी, बेकारी, आतंक, भ्रष्टाचार के नरक में डाल दिया है. सत्ता केवल लूट और दलाली का पर्याय बन चुका था. पर 2014 में केन्द्र की भाजपा सरकार ने पूर्व के तमाम रिकार्डों को तोड़ते हुए अंबानी-अदानी जैसे कुछ दर्जन भर काॅरपोरेट घरानों की दलाली और चाकरी में जिस आश्चर्यजनक गति के साथ तमाम न्यूनतम लज्जा को भी ताक पर रखते हुए, जा भिड़ा, वह हैरतअंगेज है. उसके इस दलाली की पोल जो खोल रही है वह है एक मात्र अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व वाली – आम आदमी पार्टी. यही वह एक मात्र पार्टी है जो अपने निश्चित अभियान के साथ बिना डिगे, बिना बिके और बिना डरे तमाम बाधाओं को चिरते हुए न केवल अडिग है वरन् देश की विशाल आम जनता के आशा की उम्मीद भी है. जनता के आशा की इसी उम्मीद ने भ्रष्टाचारियों का खुदा बन बैठे भारतीय जनता पार्टी सहित उन तमाम पार्टियों को खतरा है, जिसने जनता को लूटना और काॅरपोरेट घरानों की सेवा करना ही अपना धर्म बना लिया था. यही कारण है कि आम आदमी पार्टी खासकर अरविन्द केजरीवाल को मिटाना अथवा उसे भी खुद की तरह ही भ्रष्टाचार की नदी में डुबोकर आम दुखी जनता के उम्मीदों की किरण को खत्म कर देना हर भष्टाचारी और काॅरपोरेट घरानों की दलाली को अपना धर्म बना चुके भाजपा-कांग्रेस समेत तमाम पार्टियों का प्रधान लक्ष्य बन चुका है.

Previous Post

शादी के बाद महिला, पहले बहू हैं या पत्नी?

Next Post

वर्षा डोंगरे के खिलाफ शासकीय कार्यवाही का विरोध करो!

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

वर्षा डोंगरे के खिलाफ शासकीय कार्यवाही का विरोध करो!

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

सोवियत किताबों का उपकार भूल जाना अनैतिक होगा

December 25, 2021

उत्तर प्रदेश का चुनाव : पाखंड या रोजगार का सवाल

March 5, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.