क्या आपने कभी फर्ज़ी एनकाउंटर को सही ठहराया है ?
क्या आपने कभी फर्ज़ी एनकाउंटर को सही ठहराया है ? रविश कुमार क्या आपने कभी फर्ज़ी एनकाउंटर को सही ठहराया...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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27 मई पुण्यतिथि पर : नेहरू तुम अब तक उदास हो ! कनक तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ 1964...
अपनी बोली भाषा में किसी भी राष्ट्राध्यक्ष से बात करना और उसे दुभाषिये के जरिये उस राष्ट्राध्यक्ष तक अपनी बात...
लोकतांत्रिक मूल्यों पर काम करने वाली संस्था इंटरनेशनल इंस्टिट्यूटन फॉर डेमोक्रेसी ऐंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (IDEA) की एक रिपोर्ट में कहा...
कृष्ण कांत राहुल गांधी से उनके पिता की मौत से जुड़ा सवाल पूछा गया और उन्होंने कुछ क्षण रुककर सोचा....
रविश कुमार आपदा में अवसर तो आपने सुना ही होगा लेकिन यह तो नहीं सुना होगा कि आपदा आपके लिए...
शिवलिंग से फुर्सत मिल गई हो तो देश की अर्थव्यवस्था पर ध्यान दीजिए गिरीश मालवीय लोग अभी तक लगे है...
जगदीश्वर चतुर्वेदी, प्रोफेसर एवं पूर्व अध्यक्ष हिंदी विभाग, कलकत्ता विश्वविद्यालय, कोलकाता इस्लामोफोबिया का सबसे पापुलर रुप है इस्लाम और मुसलमानों...
कई लोग जो मोदी का विरोध करते हैं नेहरू को इतना याद करते हैं कि लगता है जैसे मोदी से...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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