ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

लोकतंत्र की सत्ता पर काबिज अपराधी सरगना मोदी-शाह, साबित हो सकता है लोकतंत्र की ताबूत में आखिरी कील

आजादी के पूर्व से ही देश को गद्दारी का पाठ पढ़ाता आरएसएस का यह वटवृक्ष आज इतना भयावह हो चुका...

Page 472 of 518 1 471 472 473 518

Recommended

Don't miss it