Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

लुम्पेन की सत्ता का ऑक्टोपस

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 9, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

लुम्पेन की सत्ता का ऑक्टोपस

जब लोकतंत्र का क्षय एक भीड़तंत्र में हो जाता है, तब ऐसी संस्थाएं अपने लिए एक हत्यारा, षड्यंत्रकारी, मूर्ख, दलाल को चुनता है और उसकी आड़ में जघन्यतम पूंजीवादी वर्ग अपना हित साध लेता है.

आज ज़रूरत है ऐसी मीडिया का सम्पूर्ण बहिष्कार. यही हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है. ऑक्टोपस के आठों हाथों को एक-एक कर काट दो, सर ख़ुद-ब-ख़ुद मर जाएगा.

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

लुम्पेन जब शासन में आते हैं तब सिर्फ संवैधानिक संस्थाऐं ही नहीं, संवैधानिक ज़िम्मेदारी को निभाने वाले भी उनकी ज़द में आ जाते हैं. जस्टिस लोया से लेकर इंस्पेक्टर सिंह तक इसके उदाहरण हैं. याद रखिए गौ रक्षक दल, सनातन संस्था, संघ, विहिप इत्यादि सरकार संपोषित संस्थाएं नहीं हैं, ये सरकार उनके द्वारा संपोषित है. जब लोकतंत्र का क्षय एक भीड़तंत्र में हो जाता है, तब ऐसी संस्थाएं अपने लिए एक हत्यारा, षड्यंत्रकारी, मूर्ख, दलाल को चुनता है और उसकी आड़ में जघन्यतम पूंजीवादी वर्ग अपना हित साध लेता है.

आर्थिक विषमताओं के बोझ को ढ़ोता हुआ समाज तब धर्म, जाति, प्रांत, भाषा के नाम पर और भी बांट दिया जाता है. सारी कोशिश सिर्फ जन-चेतना को मूल समस्याओं से भटकाने के लिए की जाती है. अगर आप इन विघटनकारी संगठनों और भाजपा के प्रायोजकों की लिस्ट देखेंगे तो एक ही होगी. दूसरी तरफ़ भांड मीडिया, अख़बार और अन्य सूचना के माध्यमों को ख़रीदकर यही वर्ग अपना हित साधता है. किसान और उसकी यातना, मज़दूर और उसका संघर्ष, वनवासी और उनका आंदोलन कोई ख़बर नहीं बनती. इसके पीछे एक सोच यह भी है कि जो गतानुगतिक है उसे हम ख़बर नहीं मानते लेकिन व्यतिक्रम ख़बर बनती है. पत्रकारिता की यह अवधारणा आम आदमी के संघर्ष को गतानुगतिक की श्रेणी में लाकर वर्ग स्वार्थ में खड़ा कर देता है, जबकि करीना कपूर के बेटे के नाम को व्यतिक्रम की श्रेणी में ला देता है.




दो विश्वयुद्धों के समय रॉयटर जैसी एजेंसियां पूरे विश्व में अपने संवाददाताओं के ज़रिए युद्ध की रिपोतार्ज इकठ्ठा करती थी और एक तरह की ऑबजेक्टिविटी भी होती थी. यूरोप और विश्व के हरेक कोने में बैठे लोग डर और उत्सुकतावश इन अख़बारों को आद्योपरांत पढ़ते थे कि कहीं उनके घर के किसी सदस्य या किसी परिचित को युद्ध ने लील तो नहीं लिया.

ये तो हुई युद्ध के समय की पत्रकारिता. साधारण दिनों में भी समाज के अंदर एक भीषण युद्ध चलता है, शोषण, ग़ैर-बराबरी और राजकीय दमन के विरुद्ध. इस समय पूंजीवादी पत्रकारिता वेश्यावृत्ति करती पाई जाती है. ये आपको गाय-गोबर, मंदिर-मस्जिद, इलाहाबाद-प्रयागराज, हनुमान की जात, राहुल का गोत्र जैसे छद्म युद्धों को थोपती है. दिल्ली में जमे लाखों किसानों के संघर्ष पर कुछेक हज़ार लुच्चों का अयोध्या कूच भारी पड़ जाता है.

आज ज़रूरत है ऐसी मीडिया का सम्पूर्ण बहिष्कार. यही हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है. ऑक्टोपस के आठों हाथों को एक-एक कर काट दो, सर ख़ुद-ब-ख़ुद मर जाएगा.

  • सुब्रतो चटर्जी

Read Also –

कांग्रेस और भाजपा एक सिक्के के दो पहलू
फासीवाद विरोधी शक्तियों से आह्वान
यह सरकार है या डाकू
भारत का नीरो !








[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Tags: ऑक्टोपसलुम्पेन
Previous Post

छल-प्रपंच के आवरण में लिपटी आस्था का चुनावी ब्रह्मास्त्र

Next Post

बुलंदशहर : मॉब-लिंचिंग का नया अध्याय

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

बुलंदशहर : मॉब-लिंचिंग का नया अध्याय

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

ये कोई बाहर के लोग हैं या आक्रमणकारी हैं

October 19, 2018

प्यासा (1957) : गुरुदत्त

December 23, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.