इमरजेंसी के बीज 1947 से दबे पड़े थे…!
इमरजेंसी के बीज 1947 से दबे पड़े थे...! इमरजेंसी के बीज 1947 से दबे पड़े थे...! 15 अगस्त 1947 को...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
इमरजेंसी के बीज 1947 से दबे पड़े थे...! इमरजेंसी के बीज 1947 से दबे पड़े थे...! 15 अगस्त 1947 को...
ज़रा सा जो याद रह जाता है वह होता है ढेर सारा प्यार वही प्यार जिसे मेरे नंगे पैरों को...
एस. सिद्धार्थ : सरकारी ही नहीं, प्राईवेट स्कूलों की भी मुश्कें कसनी होगी जनाब हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र...
अलीगढ़ में माॅब लीचिंग के जरिए सांप्रदायिक जहर फैलाने की भाजपाई साजिश : पीयूसीएल की जांच रिपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश...
विकीलीक्स के माध्यम से जूलियन असांजे ने विश्व स्तर पर अन्याय को उजागर करने और किसी भी कीमत पर सच्चाई...
असांजे का साहस दुनिया के किस काम आया चन्द्रभूषण विकीलीक्स के संस्थापक-संपादक जूलियन असांज की रिहाई के साथ राजकाज में...
राहुल, स्पीकर और हिन्दुत्व कनक तिवारी आप अपनी चिढ़ और कुंठा में उसे किसी दड़बे की मुर्गी कहते रहते हो....
संसद में 'जय संविधान' के नारे से भाजपा को इतनी नफरत क्यों ? मुनेश त्यागी पिछले दिनों जब संसद में...
निजी शिक्षण संस्थान बड़े बड़े आर्थिक और शैक्षणिक घोटालों का गढ़ तो नहीं ? हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र...
संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण : नहीं नहीं राष्ट्रपतिजी, यह नहीं कनक तिवारी राष्ट्रपति जी ! आप कार्यपालिका की प्रमुख...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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