Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

लोकप्रिय हर मुद्दे को बदनाम होने की सीमा तक बीजेपी इस्तेमाल करती है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 14, 2021
in ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

जनता के बीच लोकप्रिय हर उस मुद्दे को बदनाम होने की सीमा तक बीजेपी इस्तेमाल करती है. राम मंदिर से लेकर पाकिस्तान तक की बात करते हुए 56 ईंची सीना का राग अलापते बीजेपी जब से सत्ता में वापस आई है, अपने हर कुकर्मों के लिए कोई न कोई नया शिगूफा तैयार कर लेती है. काला धन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर जब अरविन्द केजरीवाल ने अन्ना के अगुवाई में देशव्यापी आंदोलन का सूत्रपात किया था, तब किसे पता था कि इसी मुद्दे की लोकप्रियता का लाभ उठा कर बीजेपी सत्ता में आ जायेगी और मुद्दों की एैसी-तैसी की जायेगी.

सत्ता में आने के साथ ही अंबानी-अदानी जैसों की पूंजी बढ़वाने के लिए पूरी दुनिया का चक्कर लगा डाला पर विदेशी पूंजी निवेश की जगह पर कम ही हो गया. उसके बाद एक के बाद एक कदमों को बढ़ाते हुए दलाल पूंजी के हितों की रक्षा में जनविरोधी फैसले लेता चला गया. गुजरात माॅडल, गाय, गोबर, गो-मुत्र, सेना आदि के नाम पर हर जनविरोधी फैसलों के खिलाफ उठे जनता के स्वरों को दबाने का काम करता चला गया. इसके तमाम जनविरोधी गतिविधियों के खिलाफ बोलने के लिए कोई संगठित ताकत ही नजर नहीं आ रहा था. तब बीजेपी के जनविरोधी गतिविधियों के खिलाफ खुलकर बोलने का साहस अरविन्द केजरीवाल और उसकी नवर्निमित पार्टी आम आदमी पार्टी ने किया.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

अरविन्द केजरीवाल से भयभीत केन्द्र की मोदी सरकार ने उस पर ताबड़तोड़ अनैतिक हमले करने शुरू कर दिये. रोज उनके खिलाफ पुलिस, आई.बी., आयकर विभाग, सी.बी.आई., राॅ जैसी ऐजेंसियों के बावजूद एल.जी. और ए.सी.बी. जैसी एजेंसियां का भी नाजायज इस्तेमाल शुरू कर दिया. इसके बावजूद अडिग केजरीवाल सरकार अपने एजेंडें पर न केवल कायम रही बल्कि बीजेपी के खिलाफ खुद को विकसित भी करती रही.

सेना के नाम पर हर सही-गलत को जायज ठहराने के कोशिश को पलीता तब लग गया जब सेना के जवानों ने अपने खिलाफ हो रही अपमान और भूखे हाल का बयान अपने एक अकाट्य विडियों में सार्वजनिक कर दिया. फिर तो देश के सामने यह सच नंगा हो गया कि सेना के नाम पर राजनीति कर रहे बीजेपी दरअसल अपने पूर्ववर्ती तमाम सरकारों के तुलना में न केवल ज्यादा भ्रष्ट और नंगा है बल्कि उससे ज्यादा क्रूर भी है. फिर तो सेना के जवानों ने अपने विभिन्न अनेक विडियों सार्वजनिक कर सेना के अन्दर के व्याप्त भ्रष्टाचार और सेना से नौकरों जैसे कार्य व अमानवीय व्यवहारों की पूरी पोल ही खुल गई. अब बीजेपी अनुशासन के नाम पर सेना के जवानों के खिलाफ कठोर कदम उठा रही है.

कहना न होगा कि देश की वर्तमान वर्ग व्यवस्था के कारण सेना में भी वर्ग व्यवस्था पूरी निर्ममता से लागू है. देश के अन्दर देश के मजदूर, किसान, व्यापारी जहां मौत को गले लगा रहे हैं उसी प्रकार सेना के अन्दर भी मजदूर-किसान-छोटे व्यापारी के नौजवान बेटे बदतर व अमानवीय व्यवहार के कारण मौत के घाट उतारे जा रहे हैं. ऐसे में जरूरत इस बात की बलबती होती जा रही है कि देश के तमाम मजदूर-किसान-नौजवान सहित सेना के जवान अपने हक-अधिकारों के लिए सर्वाधिक भ्रष्ट वर्तमान मौजूदा सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें.

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

महिला कामगारों की बड़ी तादाद और तड़प-तड़प कर मरती महिलाएं

Next Post

मिथुन कोबरा हैं, किसान आतंकवादी हैं, दीदी की स्कूटी गिर जाएगी

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

मिथुन कोबरा हैं, किसान आतंकवादी हैं, दीदी की स्कूटी गिर जाएगी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

69 पोजीशनः डॉलर बनाम रुपया

June 29, 2018

उपनिवेशवाद और नव उपनिवेशवाद से लड़ने का सबक

January 31, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.