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Home गेस्ट ब्लॉग

लव जिहाद : हमें बहुत छोटा क्यों बनाया जा रहा है ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 25, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
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लव जिहाद : हमें बहुत छोटा क्यों बनाया जा रहा है ?

कनक तिवारीकनक तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़

भारतीय जीवन में अब चीनी हमला- घुसपैठ, कोरोना का आक्रमण, महंगाई, भ्रष्टाचार, दलबदल, मन की बात जैसे कई ढकोसलों के बाद लव जिहाद का बाजार गर्म कर दिया गया है क्योंकि बंगाल में चुनाव आने वाला है. वहां मुस्लिम बड़ी संख्या में रहते हैं. वहां लव जिहाद और ओवैसी दोनों की मदद ली जाएगी. लव जिहाद याने अगर कोई मुसलमान लड़का किसी हिंदू युवती से विवाह कर ले प्रेम के कारण, तो वह लव जिहाद है ? उसकी कोई संवैधानिक या कानूनी परिभाषा नहीं है. दुनिया भर में नहीं है. वह हो भी नहीं सकती.

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यदि करने की कोशिश की जाएगी तो संविधान आड़े आएगा. उसमें मूल अधिकार जो हैं, वे आड़ेआएंगे. अगर कोई अपनी पत्नी को परित्यक्ता बना दे. दूसरी औरतों के पीछे घूमता रहे. कोई हिंदू अभिनेता हिंदू अभिनेत्री के साथ बिना ब्याह किए लिव इन रिलेशनशिप में रहे. आत्महत्या करे लेकिन उसकी प्रेमिका को हत्यारी बना दिया जाएऔर हत्यारी बनाने का हंगामा भी सबसे ज्यादा खूंखार नस्ल का कोई भी ढिंढोरची अपने चैनल पर पीटता-पीटता अंत में झूठा सिद्ध हो जाए, लेकिन तब तक लव का नुकसान तो कर दे.

कोई अपनी सहेली के पति को लव के कारण ले उड़े, वह लव जिहाद नहीं होगा ? वह तो उस बेचारे पति की उस लवरहित पत्नी हिंदू पत्नी से मुक्ति का पर्व होगा. अगर आप भारतीय सांस्कृतिक जमावड़े में हैं और आपका बहनोई, या दामाद मुसलमान है और आपने उसे स्वीकार कर लिया है, तो वह लव जिहाद नहीं है क्योंकि गंगा नदी में स्नान करने के बाद तो हर पापी मुक्त हो जाता है. पवित्र हो जाता है.

बहुत से ऐसे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के नेता हैं. उनकी पत्नियां और रिश्तेदार ईसाई हैं लेकिन वह लव जिहाद नहीं है. क्योंकि देश में ईसाई दो करोड़ भी नहीं हैं. वैसे ही डरे रहते हैं. हिंदू औरतें ढेरों बच्चा पैदा करें – लव जिहाद से निपटने के लिए कितना सुंदर सांस्कृतिक आग्रह है, हिंदू औरतों को मशीन बनाने का !

अल्पसंख्यक महिलाओं की लाशों को कब्र से निकालकर उसके साथ ‘रेप करो’ का आव्हान लव जिहाद का सबसे बड़ा सांस्कृतिक उत्तर है. वोट बैंक के लिए रोजा इफ्तार की पार्टी तो सांस्कृतिक राष्ट्रवादी खूब करते हैं, लेकिन लव जिहाद का कीड़ा काटता रहता है. दो हिंदू बच्चे अगर शादी कर लें लव के कारण तो खाप पंचायतों के वंशज उनको जिबह करने कह सकते हैं. और तब सांस्कृतिक राष्ट्रवाद कुछ नहीं कहता क्योंकि वह प्रेम रहित लोगों का प्रेमियों के प्रति आंतरिक लव जिहाद है. वह अवैध प्रेम के खिलाफ समाज का जिहाद है ?

इस हिम्मत के साथ भी कानून बनाया जाएगा कि जाओ चुनौती दो. कहीं भी चुनौती दोगे, हम तुम्हें पनौती देंगे सुप्रीम कोर्ट में. वहां तो हम जो चाहेंगे वही होगा. कितना गहरा आत्मविश्वास है यह ! संविधान की सत्ता के साथ सरकार का लव जिहाद है. क्या ऐसा होना चाहिए ? पहले उत्तर प्रदेश में यह भी हुआ. क्योंकि जो आदमी जिंदगी में एक महिला से लव नहीं कर सका, वह वैलेंटाइन दिन के मौके को अपनी नफरत के जिहाद के लिए गंवाना नहीं चाहता था.

अपनी स्त्रियों के प्रति नफरत के कारण जगह-जगह पार्कों में ,होटलों, रेस्टोरेंट में, सड़कों पर नौजवान बच्चों को पुलिस से पिटवाना शुरू किया. वह पुलिस का डंडे के साथ सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नफरत का लव जिहाद था ? ऐसे ही सांस्कृतिक राजनीतिक संगठन हैं. जहां पुरुष का पुरुष के प्रति प्रेम टेलीविजन और सोशल मीडिया के पर्दों पर प्रदर्शित कर दिया गया. वह मर्दाना पौरुषमय लव जिहाद है ?

आप किसी के बारे में अश्लील टिप्पणियां करें. 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड कहें. और कुछ कहें, तो वह आपकी आत्मा का लव के खिलाफ जेहाद है ? भगवान कृष्ण अगर आज होते तो मथुरा वृंदावन में खदेड़े जाते. सीधे गुजरात जाते और अपना नाम रणछोड़दास रख लेते. प्रेम की लड़ाई का मैदान छोड़कर जो भाग जाए, उसको लाइफ के खिलाफ लव जिहादी कहते हैं क्या ? हमारे महान देवता राम, कृष्ण और शिव तो हमें प्रेम करना सिखाते हैं. भारत वह महान देश है जिसने पूरी दुनिया से हमको प्रेम करना सिखाया है. हमें बहुत छोटा क्यों बनाया जा रहा है ? यह हमारे देश के इतिहास और उसकी संस्कृति के मन की बात है.

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