Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

नागरिकता कानून : समर्थन और विरोध

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 22, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

गुरूचरण सिंह

ब्लैक एंड वाइट के दौर में एक फिल्म देखी थी तूफान और दिया. इस दौर के लोगों के जीवन और राजनीति के भी दो ही रंग थे – अच्छा और बुरा. अब तो दोनों में ही अंतहीन रंगों की इतनी मिलावट हो गई कि आंखें कभी-कभार ही सूर्य की रोशनी में चीज़ों को पहचानने की कोशिश करती हैं, वरना तो वे घर के कमरे, दफ्तर, मॉल आदि की बनावटी रोशनी में दुनियां को देखने की आदि हो चुकी हैं. ऐसे में उन पर किसी भी खास तरह की विचारधारा के चश्में चढ़ाना आसान हो जाता है, घरों में घुसे नियंत्रित मीडिया के लिए !

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

खैर, उसी फिल्म का एक गीत है मन्ना डे का गाया हुआ :

“निर्बल से लड़ाई बलवान की,
यह कहानी है दीये की और तूफ़ान की “

सत्ता के नशे में चूर हर हकूमत यही सोचती है कि उसकी ताकत के तूफान के आगे कब तक जलता रहेगा आंख दिखाने वाला यह दिया ! बस हवा का एक तेज झोका और उसकी कहानी खत्म ! भूल जाती है वह कैसे एक दिए से दूसरा दिया जल उठता है, एक गिरता है तो दूसरा फौरन उसकी जगह ले लेता है ! ऐसा ही हो रहा है नागरिकता कानून के पक्ष और विपक्ष को लेकर भी.

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख दिलीप घोष ने कहा है कि मुसलमान घुसपैठियों की पहचान की जाएगी और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें भारत से बाहर खदेड़ दिया जाएगा. दिलीप घोष ने कहा, ”जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं, वो या तो भारत विरोधी है या बंगाली विरोधी हैं. तभी तो ये लोग हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने का विरोध कर रहे हैं.’

लेकिन दिलीप बाबू यह नहीं बताते कि ऐसा होगा कैसे ? लगभग छः साल हो गए हैं भाजपा को सत्ता में आए हुए ! इस अवधि में कितने घुसपैठियों की पहचान करके बांग्लादेश भेजा गया ? एक को भी नहीं दिलीप बाबू, ये बाजू हमारे आजमाए हुए हैं. हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने का विरोध किया किसने है ? कितनों को दी केंद्र सरकार ने नागरिकता ? पिछली सरकार ने बिना शोर मचाए, मौजूदा कानून के तहत ही कर दिया था ऐसा. अगर बहुसंख्यक समुदाय को गोलबंद करना ही अगर मकसद हो इस नए कानून का तो फिर विरोध तो होगा ही उसका. कानूनी चुनौती भी पेश की जाएगी जैसा केरल सरकार ने किया है, भले ही यह विषय केंद्रीय सूची में शामिल है.

मध्य प्रदेश से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि राज्य सरकार अनुच्छेद 32 के तहत केंद्र के क़ानून को चुनौती दे सकती है. मौलिक अधिकार से जुड़ा अनुच्छेद है यह जिसके उल्लंघन पर कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया जा सकता है लेकिन केरल सरकार ने अनुच्छेद 131 के तहत कोर्ट में गुहार लगाई है, जिसके तहत राज्य सरकार केंद्र सरकार के खिलाफ किसी भी क्वेश्चन ऑफ़ फैक्ट और क्वेश्चन ऑफ़ लॉ पर क़ानूनी अधिकार का मौजूदगी या अधिकारिता पर विवाद हो.

इस बीच दिल्ली में रासुका लगा दिया गया है. रसुका यानि पुलिस को असीमित अधिकार किसी को भी शक की बिना पर महीनों महीने जेल में बंद रखने की. कोई वकील नहीं, कोई दलील नहीं, अपील नहीं ! ये सब बाद में देखा जाएगा, पहले जरा आतंकवादी होने का ठप्पा लगा कर ऐसे ही तो बन्द किया जाता था. यह राह भी इंदिरा गांधी ने दिखाई थी. लगाने की वजह भले ही गणतंत्र दिवस परेड और उससे जुड़े समारोह हों, समय सीमा तो यही संकेत दे रही है कि असल निशाना शाहीनबाग में चल रहा धरना-प्रदर्शन है. इतने भारी सुरक्षा इंतजाम के साथ लोकतंत्र का यह पर्व मनाए जाने की उपादेयता ही कहां रह गई है बदले हालत में. न तो जन ही रहा है और आम जन के अभाव में गण तो होने का सवाल ही पैदा नहीं होता और जब दोनों नहीं हैं तो मन भी निश्चित ही नहीं होगा. ले दे कर अधिनायक है, जिसने परेड का सैल्यूट लेने के लिए अपने एक मुखौटा आगे कर रखा है.

शाहीनबाग जैसा ही धरना लखनऊ में भी शुरू हो गया है. इसी के साथ धरने में भाग लेने वाली लड़कियों से पुलिस के अमानुषिक व्यवहार की खबरें और वीडियो भी सामने आने लगे हैं. दिए से दिया ऐसे ही तो जलता है !! आज मंडी हाउस, (दिल्ली), इंदिरा पार्क (हैदराबाद), FTII (पुणे) शास्त्री घाट (वाराणसी) और सुभाष चौराहा (इलाहाबाद) में भी प्रदर्शन किया जा रहा है.

हिंदुत्व के नए पैरोकार भले ही कुछ भी क्यों न कहें, सच्चाई यही है कि हिंदू न तो किसी औरंगज़ेब की तलवार के कारण घटा है और न ही ईसाई मिशनरियों के धर्म प्रचार से. हालांकि यह भी सच नहीं है फिर भी अगर हिंदू घटा है तो उसकी वजह कुलीनों का पाखंड और छुआछात है. मध्यकालीन संतों का खुला विद्रोह सबूत है इस बात का ! जब जब भी पंडों के रोज़गार पर बात आती है तो हिंदू धर्म को ख़तरा होने लगता है. अपनी लूट को छिपाने के लिए औरंगज़ेब की कौम को सामने खड़ा कर देते हैं.

Read Also –

अमित शाह ने नागरिकता कानून के बचाव में गांधी का गलत इस्तेमाल क्यों किया ?
‘मेरी मौत हिंदुस्तान की न्यायिक और सियासती व्यवस्था पर एक बदनुमा दाग होगी’ – अफजल गुरु
NRC-CAA : ब्राह्मण विदेशी हैं ?
मोदी-शाह चाहता है कि इस देश में नागरिक नहीं, सिर्फ उसके वोटर रहें
नागरिकता कानून : समर्थन में जारी मोदी-शाह का हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा न बनें

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

मंटो और हिन्दुत्व

Next Post

देश तबाह होता है तो होता रहे, हमारी बला से !

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

देश तबाह होता है तो होता रहे, हमारी बला से !

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

अगर आप मुसलमान पैदा हुए…

January 17, 2025

हमने प्रकृति, समाज और विज्ञान हर चीज को बदला है और आगे भी बदलते रहेंगे

March 2, 2025

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.