Saturday, September 12, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

सोनी सोरी की हत्या करना चाहती है सरकार

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 29, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

सोनी सोरी की हत्या करना चाहती है सरकार

हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ताहिमांशु कुमार, गांधीवादी कार्यकर्ता

सोनी सोनी पर जब भाजपा सरकार की मिलीभगत से कल्लूरी ने षड्यंत्र करके चेहरे पर एसिड फिंकवाया था, उस घटना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई थी तथा भाजपा की छत्तीसगढ़ सरकार की बहुत फजीहत हुई थी. तब बदनामी से बचने के लिए तत्कालीन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भारी दबाव में आकर सोनी सोरी को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने पर मजबूर हुए थे.

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

तब से आज तक पुलिस सोनी सोरी की सुरक्षा का कम, सोनी सोरी की गतिविधियों पर रोकथाम लगाने का काम ज्यादा कर रही है. सोनी सोरी के सुरक्षा गार्ड भी सोनी सोरी पर दबाव डालते हैं कि अगर आप बिना सूचना दिए आदिवासियों से मिलने जायेंगी तो हम आपके खिलाफ एफआईआर करायेंगे.

पुलिस विभाग द्वारा सोनी सोरी को बार-बार नोटिस दिए जाते हैं कि आप पहले से सूचना दिए बिना आदिवासियों से मिलने क्यों गई ? सोनी सोरी के पास पुलिस द्वारा दिए गए ऐसे नोटिसों की एक बहुत मोटी फाइल बन चुकी है. नमूने के तौर पर एक आज ही मिला नोटिस नीचे संलग्न है.

सोनी सोरी ने पुलिस विभाग को सूचित किया था कि कल वह बीजापुर जिले के सरकेगुड़ा गांव जाएंगी जहां पर सुरक्षाबलों ने 17 निर्दोष आदिवासियों की हत्या कर दी थी..कल उनकी बरसी का कार्यक्रम है, जहां पर आदिवासियों की स्मृति में एक स्मारक का निर्माण होना है.

अभी थोड़ी देर पहले रात के समय पुलिस विभाग के व्यक्ति ने आकर सोनी सोरी के घर पर यह नोटिस दिया है जिसमें लिखा है कि आप वहां नहीं जा सकती. यह साफ-साफ सोनी सोरी की गतिविधियों पर रोकथाम लगाने का मामला है पुलिस नहीं चाहती कि सोनी सोरी अपना मानवाधिकारों का कार्य करें तथा आदिवासियों से मिले-जुले.

इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार को भी लिखा जाएगा और यदि छत्तीसगढ़ सरकार पुलिस विभाग की इन गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाती है तथा सोनी सोरी के जनता से मिलने जुलने पर बंदिश लगाने की कोशिशें जारी रहती है तो सरकारी सुरक्षा रखने के मामले पर पुनर्विचार किया जा सकता है.

दंतेवाड़ा पुलिस मानव अधिकार कार्यकर्ता सोनी सोरी की हत्या करना चाहती है. 2 दिन से सोनी सोरी के घर पर बार-बार नोटिस भेजकर उनसे कहा जा रहा है कि वह घर से बाहर कहीं नहीं जाएगी.

असल में बीजापुर के सारकेगुड़ा में जहां सीआरपीएफ ने 17 आदिवासियों की हत्या की थी, वहां आदिवासी एक स्मारक बनाना चाहते हैं. पुलिस नहीं चाहती थी कि सोनी सोरी वहां जाए. इसके अलावा भी अलग-अलग कई जगह से आदिवासी सोनी सोरी को अपने आंदोलनों और अपने साथ होने वाले दमन के खिलाफ बुला रहे हैं. पुलिस सोनी सोरी को रोकना चाहती हैं.

कल थानेदार ने व्यापारियों और टैक्सी मालिकों को बुलाकर धमकाया और कहा कि वे सोनी सोरी को अपनी गाड़ी किराए पर ना दें और आज सुबह से ही सोनी सोरी का पुलिस की एक जीप बिना नंबर प्लेट के संदिग्ध हालत में पीछा कर रही है. सोनी सोरी ने हिम्मत से उस जीप के सामने जाकर पुलिस वालों को चुनौती दी और कहा कि ‘आओ मुझे जान से मार दो मैं तैयार हूं’, इसके बाद वह पुलिस वाले दुम दबाकर भाग गए.

http://www.pratibhaekdiary.com/wp-content/uploads/2020/06/105019067_192250748872054_3644522810766147650_n.mp4

सोनी सोरी का आज थोड़ी देर पहले का यह वीडियो देखिए, जो घटना पुलिस अधीक्षक तथा कलेक्टर के बंगले के सामने की है.

पड़ोसी जिले बीजापुर में करीब 10 हजार आदिवासी इकट्ठा है वह सोनी सोरी को नेतृत्व करने के लिए बुला रहे हैं. पुलिस नहीं चाहती कि सोनी आदिवासियों का नेतृत्व करें लेकिन सरकार और पुलिस को यह समझना चाहिए कि दमन और धमकी से कभी जीत नहीं मिलती.

Read Also –

इस देश के लोकतंत्र और न्यायतंत्र की परीक्षा
सारकेगुड़ा : आदिवासियों की दुःखों से भरी कहानियां
वर्षा डोंगरे लाखों दलित महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है
माओवादियों के नाम पर आदिवासियों की हत्या क्या युद्धविराम का पालन कर रहे माओवादियों को भड़काने की पुलिसिया कार्रवाई है ?

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

इसके निशाने पर है हिंदुस्तान !!

Next Post

तूतीकोरिन में पुलिस की बर्बरता

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

तूतीकोरिन में पुलिस की बर्बरता

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

ऐनी फ़्रैंक को उसके जन्मदिन पर याद करते हुए

June 13, 2023

लॉकडाउन : भारत की आर्थिक बर्बादी का न्योता

September 6, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.