Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

लखीमपुर खीरी नरसंहार मोदी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुआ है ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
October 7, 2021
in ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

लखीमपुरखीरी में केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का बेटा आशीष मिश्र ने अपने गाड़ियों के काफिले के साथ गोली चलाते हुए किसान आन्दोलनकारियों के न केवल कुचल ही दिया अपितु गोली चलाकर एक किसान की हत्या भी कर दी. इस घटना का हादसा तो कतई नहीं माना जा सकता है, जिसकी पुरजोश कवायद कर योगी-मोदी की सरकार कर रही है और मामले को रफा-दफा करने पर तुली हुई है. बहरहाल शहीद किसान के परिजनों को 45 लाख रूपये और एक-एक नौकरी देकर मामले की लीपापोती में दलाल मीडिया और भाजपाई आई-सेल के गुण्डें भिड़ गये हैं, जो किसी भी सूरत में न तो इंसानियत के तौर पर मान्य है और न ही किसान मानने जा रहे हैं.

किसान आन्दोलकारियों को गाड़ियों से कुचलने का यह मामला उन मामलों से कतई अलग नहीं है, जिसमें करनाल के पुलिस अधिकारी एक-एक किसानों को सर फोड़ देने का निर्देश दे रहा है, अथवा यह मामला उन मामलों से भी कतई अलग नहीं है, जिसमें केन्द्र की मोदी सरकार किसान आन्दोलनकारियों का रास्ता रोकने के लिए सड़क खुदवाना, सड़कों पर कीलें ठुकवाना अथवा कंक्रीट की दीवार बनावाना शामिल है, जिस कारण पिछले दस महीनों से किसान आन्दोलनकारी दिल्ली जाने के विभिन्न रास्तों पर बैठे हुए हैं, जिसमें अबतक तकरीबन 700 किसानों ने शहादत हुई है.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

ताजा मामला लखीमपुर खीरी यह दर्शाता है कि किसानों के खिलाफ किस हद तक मोदी-योगी की अंबानी-अदानी वाली यह सरकार जा सकती है. मोदी सरकार का सिपहसालार हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर किसानों पर हमला करने के लिए गुण्डों का हथियारबंद दस्ता देश में खड़ा करने के लिए आह्वान कर रहे हैं. मुख्यमंत्री खट्टर अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से कह रहे हैं –

 हज़ार पांच सौ के गिरोह बनाओ औऱ शठे शाठ्यम समाचरेत करो. दो चार महीने जेल में रह आओगे तो बड़े लीडर बन जाओगे.

http://www.pratibhaekdiary.com/wp-content/uploads/2021/10/243576274_260154516006514_3322795996994306708_n-1.mp4

केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी भरी सभा में गर्वोन्मत दुर्योधन की तरह खुद के विरोध का जिक्र करते हुए मंच से कहा था कि –

विरोध करने वालों आकर सामना करो, हम आपको सुधार देंगे. मैं केवल मंत्री या सांसद नहीं हूं, जो लोग मेरे विषय में जानते हैं उनको पता होगा कि मैं किसी चुनौती से भागता नहीं. जिस दिन मैंने उस चुनौती को स्वीकार कर लिया, उस दिन पलिया नहीं लखीमपुर खीरी भी छोड़ना पड़ जाएगा. यह याद रखना, दो मिनट लगेगा केवल. सुधर जाओ वरना सुधार देंगे.’

और वाकई दो ही मिनट लगे. सड़क के किनारे खड़े हुए किसानों को पूरी रफ्तार से चल रही 1500 CC की SUV से उड़ाने में. चार किसानों की मौके पर ही मौत हो गयी. वहीं, इस हत्यारे गुंडों को त्वरित न्याय मिल गया. बाद में मालूम हुआ के मंत्री का बेटा, जिसने किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर मार डाला था, भाग गया. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री समेत इस हत्यारे मंत्री और उसके बेटे को बचाने में पूरी ताकत से जुट गया.

एक ओर देश भर की भाजपा राज्य सरकार किसानों के खिलाफ अपने संघी गुंडों (समर्थकों) को किसानों पर हमला करने के लिए उकसा रहा है, वहीं दूसरी ओर संघी मिजाज सुप्रीम कोर्ट का खलिहर जज किसानों पर संघी गुंडों के हमलों को न्यायोचित ठहराने के लिए अपने फैसलों के जरिए मार्ग प्रशस्त कर रहा है.

शुरुआत से ही सुप्रीम कोर्ट किसान आंदोलन को रोकने के लिए कानूनी डंडा इस्तेमाल करने का कोशिश कर रहा था, लेकिन किसानों के मुड को भांपते हुए उसे भी किसान आन्दोलनकारियों के संघर्ष को रोकने का हिम्मत नहीं हुआ और न ही किसान आंदोलनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट को किसी तरह का तरजीह दिया.

तब, अंत में मोदी सरकार ने किसान आंदोलनकारियों के नाम पर एक अनजान फर्जी संगठन ‘किसान महापंचायत’ का नाम लेकर सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के खलिहर संघी जज ने इस मुकदमें को आधार बनाकर अनाप-शनाप आदेश जारी करना शुरु कर दिया. ‘हम आदेश दे सकते हैं’ कहते हुए उसने किसान आंदोलनकारियों पर यह कहते हुए हमला कर दिया कि ‘आप दिल्ली का गला घोंट रहे हैं. आप दिल्ली आकर कोहराम मचाना चाहते हैं.’ इसके साथ ही यह खलिहर संघी जज ने इस बात की समीक्षा करने के लिए तैयार हो गया कि देश में कितने समय तक आंदोलन चलाया जा सकता है.

दरअसल यह सब आंदोलन को खत्म करने की अंबानी-अदानी का नौकर मोदी सरकार के इशारे पर सुप्रीम कोर्ट के खलिहर जज कर रहे हैं. यही कारण है कि वह मोदी सरकार के द्वारा सड़कों पर बिछाये गये कील, कंक्रीट की दीवारें खड़ाकर सड़क बंद कर आम नागरिकों को परेशानी में डालने के कुकर्म को किसानों के मत्थे मढ़ने को कोशिश दलाल मीडिया कर रही थी और अब सुप्रीम कोर्ट के खलिहर जज मढ़ने की नापाक कोशिश कर रहे हैं.

यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट का यह खलिहर जज आंदोलनकारियों से सड़क को खाली कराने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के किसानों पर हमला करने के विचार का समर्थन करता नजर आ रहा है. और अब जब अजय मिश्र टेनी का अपराधी बेटा किसान आंदोलनकारियों के शांतिपूर्ण वापसी के समय अपनी तेज रफ्तार गाड़ियों से 4 किसानों को कुचलकर मार डालता है, तब कहना नहीं होगा देर सबेर यह सुप्रीम कोर्ट इन हत्यारे अपराधियों को बचाने जरुर आयेगा.

अब देखना यह है कि अंबानी-अदानी के नौकर मोदी सरकार और सुप्रीम कोर्ट के इस खलिहर जजों से किसान आंदोलनकारी कैसे निपटते हैं. वैसे भी संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी प्रेस बयान और राकेश टिकैत के पलटवार ने यह साबित कर दिया है, सुप्रीम कोर्ट, जिसकी आम लोगों के बीच विश्वसनीयता अब लगभग शून्य पर पहुंच गई है, के किसी भी फैसलों से किसान आंदोलन पर कोई फर्क नहीं पड़ने जा रहा है.

Read Also –

 

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

संयुक्त किसान मोर्चा : लखीमपुरखीरी की घटना और सुप्रीम कोर्ट के रवैये पर जवाब

Next Post

सबूत

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

सबूत

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

जंगल राज: भारतीय सेना पर, शिवालिक जंगलों में फ़ायरिंग रेंज के गैर कानूनी इस्तेमाल के दौरान वन गुज्जरों की हत्या का आरोप

February 1, 2025

सुप्रीम कोर्ट का जज अरुण मिश्रा पर गौतम नवलखा का हस्ताक्षर

March 17, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.