Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

टेलीप्रॉम्प्टर प्रकरण : बिना स्क्रिप्ट के मोदी एक शब्द भी नहीं बोल सकते

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 19, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

राहुल गांधी ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिना टेलीप्रॉम्प्टर के एक शब्द भी नहीं बोल सकते, और नरेन्द्र मोदी ने यह साबित कर दिया कि वह सच में बिना टेलीप्रॉम्प्टर के एक शब्द भी नहीं बोल सकते. यही सच है ‘हम भारतीयों का टेम्परामेंट और हम भारतीयों का टैलेंट का, जिसे…’ मोदी ने अंतराष्ट्रीय मंच पर उजागर कर दिया है. यानी हम मंदबुद्धि भारतीयों ने अपने ही जैसा एक मंदबुद्धि दलाल को अपना प्रतिनिधि चुन लिया है.

टेलीप्रॉम्प्टर प्रकरण : बिना स्क्रिप्ट के मोदी एक शब्द भी नहीं बोल सकते

girish malviyaगिरिश मालवीय

बिना स्क्रिप्ट के मोदी दो शब्द भी नहीं बोल सकते, यह बात कल टेलीप्रॉम्प्टर प्रकरण में साबित हो गयी. जिसे आप मोदी का प्रभावी भाषण समझते हैं, वह पूरी स्क्रिप्ट राइटर की मेहनत का परिणाम है और इस बात की पोल न खुल जाए इसलिए मोदी ने पिछले सात सालों में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

टेलीप्रॉम्प्टर वाले प्रकरण में हमें यह समझना चाहिए कि टेक्निकल मिस्टेक होना कोई बड़ी बात नहीं है, होता रहता है तो फिर इतना बड़ा बवाल क्यों हो रहा है ?

दरअसल मीडिया में मोदी की छवि को ‘लार्जर देन लाइफ’ बना कर पेश किया जाता रहा है. प्रोपेगैंडा वीडियो के जरिए मोदी खुद अपने आपको बड़े वक्ता के रुप मे पेश करते आए हैं, इसकी झलक आपको अक्षय कुमार के इस PR वाले इंटरव्यू में देखने को मिलेगी, जिसमें मोदी अपनी भाषण कला की डींगें हांक रहे हैं.

http://www.pratibhaekdiary.com/wp-content/uploads/2022/01/271922097_636716917671622_9128529847637948133_n.mp4

अब आप यह जान लीजिए कि मोदी सरकार किस प्रकार से अपने इवेंट आयोजित करती है, कैसे टीवी इवेंट के जरिए उनकी छवि गढ़ी जाती है ताकि मोदी की छवि एक बड़े महान भाषणबाज की बनी रहे. जो आप अब पढ़ने जा रहे हैं यह पोस्ट इंग्लिश में थी जिसको मैं हिंदी में लिख रहा हूं.

यह आलेख एक दक्षिण भारतीय मित्र विकनेश ने 24 दिसम्बर, 2018 को लिखा था. उन्होंने इस आलेख में अपने कॉलेज की एक इवेंट कथा शेयर की है, जिससे पता चलता है कि किस तरह मोदी सरकार अपना पीआर अजेंडा चलाती है.

‘हम देखते हैं कि हमारे प्रधानमंत्री अचानक पूछे जाने वाले प्रश्नों का जवाब देने में असमर्थ हैं.  मैं अपना उदाहरण आपके सामने रखता हूं. हम हैकथॉन के समापन समारोह के लिए अहमदाबाद में थे. लंच के बाद हमें बताया गया कि प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्रों को संबोधित करेंगे.

मुझे लगा कि वह छात्रों से सीधे सवाल करेंगे लेकिन मैं गलत था. वास्तविक कार्यक्रम से चार घण्टा पहले कुछ अधिकारी आए और हमारे प्रोग्राम को कुछ समय के लिए रोकने के लिए कहा. उन्होंने हर टीम से टीम में जाना शुरू किया और पूछा कि ‘क्या किसी को प्रधानमंत्री जी से कोई सवाल है ?’ और चूंकि हम दक्षिण भारत से थे इसलिए उन्होंने विशेष रूप से हमारी टीम को निशाना बनाया और हमसे पूछा कि ‘क्या कोई हिंदी जानता है ?’

हमारी टीम में एकमात्र हिंदी भाषी व्यक्ति ‘अग्रवाल’ था, इस कारण उन्हें निराशा हुई. उन्होंने इस आइडिया को ड्राप कर दिया. (शायद कोई दक्षिण भारतीय मिलता और हिंदी में तारीफ करता तो ज्यादा असर पड़ता.)

प्रोग्राम शुरू होने से 3 घंटे पहले कुर्सियों और स्टूडेंट्स के बैठने के क्रम को उन अधिकारियों ने बदल दिया और हमें ‘रिहर्सल’ के लिए बैठने के लिए कहा गया. ( इस बात की रिहर्सल कि प्रधानमंत्री से कैसे सवाल पूछे जाएं ? )

उसके बाद सभी टीमों में से 3 लड़कियों और 2 लड़कों का चयन किया गया. उन्हें आगे की पंक्ति में लाया गया. फिर हर स्टूडेंट को पूछने के लिए एक स्क्रिप्टेड प्रश्न दिया गया और यह भी बताया गया था कि प्रधानमंत्री जी के जवाब देने के बाद आपको कैसी प्रतिक्रया देनी हैं.

यहां तक कि उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ फॉलो अप वाले सवाल-जवाब भी सेट किए और ये भी बताया की प्रसारण के दौरान कब और कैसा हंसी मजाक करना है.

कमाल यह था कि प्रधानमंत्री के आने से 1 घंटा पहले ही वीडियो कॉन्फ्रेंस शुरू कर दी गयी. हमें बतख की तरह बैठे हुए तीन घण्टे से अधिक वक्त हो गया था लेकिन भाड़े से लाए कुछ लोग ‘मोदी-मोदी-मोदी’ के नारे लगा रहे थे. हम निराश हो चले थे. तभी अचानक एक चालीस साल के अंकल मंच पर प्रकट हुए और उन्होंने कहा कि ‘आप मुझे प्रधानमंत्री मान कर अपना आखिरी रिहर्सल कर सकतें हैं.’

इसके बाद हमें अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ करने को कहा गया. मैंने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दृश्यों को देखा. इन चालीस साल के अंकिल ने प्रधानमंत्री की पूरी तरह से मिमिक्री करना शुरू कर दी. उन्होंने पहले से तैयार सवाल पर सटीक स्क्रिप्ट पढ़ते हुए जवाब दिये. यह वही सवाल जवाब थे, जिसे प्रधानमंत्री पढ़ने जा रहे थे.

पूरी प्लानिंग इतनी डिटेल में थी कि उन्होंने कोयम्बटूर से एक स्टूडेंट जिसका नाम विकास था, उसे सबसे आगे की लाइन में खींच लिया ताकि प्रधानमंत्री जी मजाक मजाक में बोल सके की ‘विकास’ दक्षिण तक पहुंच गया.

अब प्रोग्राम अपने टॉप पर था. प्रधानमंत्री पधार चुके थे. मोदींज्म का जादू सर चढ़ कर बोल रहा था. उन्होंने उन चुटकुलों और सवालों को हटा दिया गया जो काम के नहीं मालूम हो रहे थे.

खेल शुरू था. हमने कैमरे बाहर निकलते देखे. अब हम उनके दोनों तरफ दो टेलीप्रॉम्प्टर देख सकते थे. हमारे हॉल में उपस्थित भक्त श्रोताओं को पहले से ही पता था कि प्रधानसेवक क्या बताने जा रहे हैं इसलिए उनका उत्साह चरम पर था.

इस पूरी पीआर की नौटंकी को बहुत सावधानी से तैयार किया गया था और अगले दिन के लिए सुर्खियां तैयार थी कि हमारे प्रधानमंत्री ने छात्रों को एंटरप्रेन्योरशिप के लिए प्रेरित किया.

दरअसल सच तो यह है कि हमारे प्रधानसेवक के मुंह से निकलने वाली हर चीज स्क्रिप्टेड होती है. असलियत में वह बिना लिखी हुई स्क्रिप्ट के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे सकते और शायद इसलिए अनस्क्रिप्टेड इंटरव्यू का सामना करने या प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की हिम्मत नहीं है.’

मोदी जी की वक्तृत्व कला की पूरी पोल खुल गई. हुआ ये कि मोदीजी दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की लाइव वीडियो कांफ्रेंस में सामने बैठे बड़े-बड़े लोगों के सामने लम्बी लम्बी फेंक रहे थे, अचानक सामने टेलीप्रॉम्प्टर पर वाक्य आने बन्द हो गए, और मोदी जी को कुछ सुझा नहीं तो वे दावोस के मौसम का हाल पूछने लगे और आय बाय बोलने लगे.

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें]

Previous Post

महाबली का महामुंह और गिलहरी

Next Post

कोरोना के नाम पर विश्वव्यापी दहशत फैलाने के खिलाफ नोवाक जोकोविच और पैट्रिक किंग की लड़ाई

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

कोरोना के नाम पर विश्वव्यापी दहशत फैलाने के खिलाफ नोवाक जोकोविच और पैट्रिक किंग की लड़ाई

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

हमारी दुर्गति हमने खुद ही की हुई है, पिट सब रहे हैं पर अलग-अलग

August 13, 2021

मोदी है तो मोतियाबिंद हैः देश से 200 टन सोना चोरी ?

May 6, 2019

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.