मेरी थाली अलग है
मेरे हाथ पैर नाक नक़्श बदन और दिमाग़ बिल्कुल तुम्हारे जैसे हैं लेकिन मेरी थाली अलग है एक दिन तुम्हारी...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
मेरे हाथ पैर नाक नक़्श बदन और दिमाग़ बिल्कुल तुम्हारे जैसे हैं लेकिन मेरी थाली अलग है एक दिन तुम्हारी...
देखते देखते उसका भोला भोला हंसता हुआ चेहरा सख़्त होता गया शरीर का रोम रोम तीखे नाख़ून बन गये सर...
विनोद शंकर सवाल है, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हट गया तो देश को क्या मिला ? जनता को क्या मिला...
बीते साल मई में जब विधानसभा चुनाव परिणाम आए, कर्नाटक में भाजपा सत्ता से बाहर हो गई और कांग्रेस की...
भारत का पुलिसिया और जांचतंत्र पूरी तरह गुंडों के गिरोह में तब्दील तो हो ही चुकी है, अब जो नया...
अकेले कभी मत चलो ऐसा मेरी मां कहती है अगर कोई साथ नहीं चल रहा है तो रूक जाओ और...
ग्राउंड रिपोर्ट : सफलता की ओर बढ़ता किसान संगठनों का मिशन यूपी 11 दिसंबर को जब किसान दिल्ली सीमाओं से...
हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना यानी, अब अगर बिहार के किसी कॉलेज में प्रोफेसर की कमी होती...
ईवीएम के साथ एक नई और अलग समस्या पैदा हुई है, जिस पर किसी का ध्यान नहीं जाता. जब मतपत्र...
विनोद शंकर तीन राज्यों के विधनसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद ज्यादातर प्रगतिशील लोगों का कहना है कि...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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