Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

अलीगढ़ एनकाउंटर की कहानी

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
October 3, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

अलीगढ़ एनकाउंटर की कहानी

अलीगढ़ एनकाउंटर की कहानी

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

उस घर में कभी पुलिस नहीं आयी थी. दो लड़के पड़ोस के हाजी के यहां कढ़ाई का काम करते थे. एक कपड़े की दुकान में नौकरी करता था.

मुहल्ले की तमाम औरतें भी घर मे कढ़ाई करती थी. उनको वो कच्चा माल देने और तैयार माल लेने जाता था. किसी ने कभी कोई शिकायत नहीं की.

अचानक एक दिन पुलिस आती है. हाजी लड़कां को आवाज़ देता है. पुलिस लड़कों को बेरहमी से पीटती हुई ले जाती है. तारीख है 16 सितंबर. उसके बाद 20 को उन दोनों की मां के पास फ़ोन आता है कि लड़के अस्पताल में एडमिट है. वहां जाने पे दोनों की लाश मिलती है. हाजी भी वहीं मौजूद होते हैं, दोनों लाशों के ऊपर एक सफेद कपड़ा डाल कर गढ्ढे में डाल कर उसे भर दिया जाता है. न नहाना, न कफ़न, न दफन.

एक लड़का जो दिमागी तौर पे कमज़ोर है, उसे गिरफ्तार बताया जाता है और लड़कों के बाप का कोई अता-पता नहीं.

पुलिस चार FIR दिखाती है कि वो भाग कर आ रहे थे. रोका गया तो गोली चलाने लगे. जवाबी फायरिंग में मर गए.

चार FIR है और चारो में मोटरसाइकिल के नम्बर अलग-अलग है, मुठभेड़ लोकल चैनेल द्वारा दिखाई गई, सवाल ये है कि मीडिया को किसने बुलाया ? जब सब कुछ अचानक हुआ था या जवाबी फायरिंग तक इंतज़ार किया गया कि मीडिया आ जाये और वो अपराधी भी इंतज़ार करते रहे कि मीडिया आये तो वो गोली खा कर मर जाये, वहां से भागे नहीं.

जिन साधुओं को मारने का आरोप है उस FIR में लिखा है कि इन लड़कों के पास एक गड़ासा था. उससे उन्होंने लकड़ी काटी, लाठी बनाई और उस से साधु को मार दिया, अब जिसको मारना होगा वो गड़ासे से ही मार देगा. लाठी क्यो बनाएगा, वैसे साधु का परिवार भी रिहाई मंच की टीम को उन्हें निर्दोष बता चुका है.

इस बीच मीडिया उनको वीरप्पन से ज़्यादा दुर्दांत और खतरनाक बता चुकी थी और एसएसपी साहब बजरंग दल से वीरता पुरस्कार लेकर फेसबुक में पोस्ट कर रही थी.

परिवार के लोग मीडिया से बात न कर सके इसके लिए पूरी पुलिस टीम उनके घर के बाहर खड़ी की गयी, अलीगढ़ की सामाजिक कार्यकर्ता मारिया सलीम जब इसकी शिकायत करने थाने पहुची तो वहां बजरंगी कम्पनी ने वो उत्पात मचाया कि उनको अपनी कार छोड़ कर जान बचा कर भागना पड़ा.

हम लोग जब ये सब सुन कर पहुंचे तो घर वालां ने कहा, ‘तीसरे दिन कुछ खाने को मिला है.’ मोहल्ले के लोगों ने कहा, ‘इस मामले के पहले आज तक कभी पुलिस नहीं आई.’ उसके बाद जब हम थाने पहुचे तो 250 के आस-पास बजरंगी बुलाये गए और हमारे ओर हमला करने की तैयारी थी. किसी तरह हम वहां से निकले. लग यही रहा था कि थाना इंचार्ज परवेश राना न होकर बजरंगी है.

उसके बाद अगले दिन कहीं हमारे ऊपर मुक़दमा होने की ख़बर थी. किसी ने हमें गिरफ्तार बताया. किसी ने मुक़दमा दर्ज करवा दिया. कोई अखबार, कोई चैनेल पीछे नहीं रहा. बाद में मालूम चला कि फैज़ुल और मशकूर पर दोनों की मां के अपहरण का मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है.

बरहाल 29 को हमने अपनी डिटेल रिपोर्ट के साथ उन दोनों की मां के साथ जब प्रेस वार्ता की, तब हक़ीक़त सब के सामने आई और देश के लगभग सभी मीडिया हाउस ने इसे स्थान दिया और उन दोनों ने अपहरण वाली कहानी को भी खारिज किया, उसके बाद से अलीगढ़ पुलिस ये बताना चाह रही है कि वो दोनों लड़के इस देश के सबसे बड़े अपराधी थे. रोज़ एक नई कहानी बताई जा रही है. नौशाद जिसकी उम्र 17 साल है, कहा जा रहा है कि 7 साल पहले दंगा भड़काने का केस उसके ऊपर लगा था. अब 10 साल की उम्र का लड़का दंगा कैसे भड़काता है, ये समझ से बाहर है. फिर कहा कि 6 हत्याओं में उसकी तलाश थी जिसमें एक मामला 10 साल पहले का है. अब ये कौन बताए कि 7 साल की उम्र में कट्टा कैसे चलाते हैं ?

दो दिन पहले अमीक़ भाई ने रिपोर्ट मांगी थी. उसके बाद कल उनका जवाब आया कि समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं को ये निर्देश आया है कि वो रिपोर्ट के अनुसार मीडिया में अलीगढ़ मामले को उठाये, सदफ जाफर ने रिपोर्ट मांगी और उसके बाद कांग्रेस प्रवक्ता का अलीगढ़ मामले में बयान आया. उसके बाद उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर को राजब्बर इस मामले प्रेस वार्ता कंरेगे, लगातार पिछले 3 तीन दिन में जिस तरह माहौल बना है आज उसके बाद खुद बीजेपी के सहयोगी राजभर इसके विरोध में बोले हैं.

ह्यूमन राइट कमीशन में जो उत्तरप्रदेश एनकाउंटर के खिलाफ याचिका है उसमें united against hate भी एक पार्टी है उस याचिका में हम ये केस भी ऐड करवाएंगे और दो दिन के अंदर अतरौली SO और SSP अलीगढ़ के विरुद्ध मुकदमा करेंगे.

जब तक इस मामले में कोई ठोस नतीजा नहीं आ जाता, तब तक शांत नहीं बैठेंगे, जिस तरह उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर का बाज़ार गर्म है उसको देखते हुए यही लगता है कि जब तक बड़े दोषी अधिकारी जेल नहीं जाएंगे, तब तक इसपे लगाम नहीं लगने वाली.

डिटेल इसलिए लिखा है कि हिंदी अखबार तो कुछ लिखेगा नहीं तो सोशल मीडिया से ही बात बढ़ाई जाए.

  • नदीम

Read Also –

अफसोस है इस दोगलेपन पर
दूसरों के मौत पर हंसने वाली वो भक्तन थी
रामराज्य : गुलामी और दासता का पर्याय

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

[ प्रतिभा एक डायरी ब्लॉग वेबसाईट है, जो अन्तराष्ट्रीय और स्थानीय दोनों ही स्तरों पर घट रही विभिन्न राजनैतिक घटनाओं पर अपना स्टैंड लेती है. प्रतिभा एक डायरी यह मानती है कि किसी भी घटित राजनैतिक घटनाओं का स्वरूप अन्तराष्ट्रीय होता है, और उसे समझने के लिए अन्तराष्ट्रीय स्तर पर देखना जरूरी है. प्रतिभा एक डायरी किसी भी रूप में निष्पक्ष साईट नहीं है. हम हमेशा ही देश की बहुतायत दुःखी, उत्पीड़ित, दलित, आदिवासियों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों के पक्ष में आवाज बुलंद करते हैं और उनकी पक्षधारिता की खुली घोषणा करते हैं. ]

Tags: अलीगढ़बजरंग दलमीडिया
Previous Post

विकास का दावा और कुपोषण तथा भूख से मरते लोग

Next Post

किसान आन्दोलन : मुल्ले जाट और हिन्दु जाट किसानों की एकजुटता का रंग

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

किसान आन्दोलन : मुल्ले जाट और हिन्दु जाट किसानों की एकजुटता का रंग

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

आखिर 5जी तकनीक किसे चाहिए ?

September 17, 2022

आरएसएस का सैनिकद्रोही बयान, देशद्रोही सोच एवं गतिविधियां

February 13, 2018

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.