
देश भर की सरकारें जहां बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं के अभियान को दिन-रात आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है, वहीं IGIMS, पटना के एमएस पद पर पदस्थापित मनीष मंडल बेटियों को ही तंगोतबाह करने पर उतारू हो गये हैं. मनीष मंडल आईजीआईएमएस में रहकर न केवल मरीजों के साथ वरन् यहां कार्यरत् कर्मचारियों और महिला कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिजनों के साथ भी गुंडों की तरह व्यवहार करते हैं. उनके साथ न केवल मां-बहन की अश्लील गाली-गलौज ही करते हैं वरन् उनके साथ मार-पीट करने और मार डालने की भी धमकी देते नजर आते हैं. ऐसे अनेक वाकयात सूत्रों ने बतलाया है.
इसके अलावा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मनीष मंडल घोर अय्यास प्रवृति का व्यक्ति है, जिनके अन्तहीन हवस का शिकार बनती है आईजीआईएमएस में काम कर रही मासूम लड़कियां. मनीष मंडल के हवस का शिकार बनी इन मासूम लड़कियों की सिसकियों की दास्तां आईजीआईएमएस की शांत दीवारें चीख-चीख कर कह रही है. आईजीआईएमएस में काम कर रही मासूम लड़कियों के परिजन अगर कभी आईजीआईएमएस में आते हैं, तो यह अय्यास मनीष मंडल बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं, और उन परिजनों के साथ न केवल गाली-गलौज ही करते हैं अपितु उसे विभिन्न बहाने से प्रताड़ित भी करते हैं. उन मासूम लड़कियों को नौकरी – जिसमें अधिकांशतः आऊसोर्सिंग के माध्यम से आती है – को निकाल-बहार करने की धमकी देकर उसे खामोश रहने पर मजबूर करते हैं.
भ्रष्टाचार और अय्यास में आकंठ डूबे मनीष मंडल ने ऐसा ही एक वाकया विगत दिनों आईजीआईएमएस में कार्यरत एक महिला के परिजन के साथ किया है. वाकया इस प्रकार है : आईजीआईएमएस में कार्यरत् इन महिलाओं को ड्यूटी से छुट्टी 10 बजे रात्रि में दिया जाता है. जब महिलाओं ने रात्रि के 10 बजे छुट्टी मिलने पर घर जाने में अपनी परेशानी बताई तो यह भ्रष्ट और अय्यास मनीष मंडल के पास एक ही जवाब था कि नौकरी छोड़ दो. इस कारण अनेक महिला कार्मचारियों ने अपने परिजनों को रात्रि में जाने हेतु बुलाना शुरू कर दिया. ऐसे में अय्यास मनीष मंडल खिन्न रहने लगा. इसी दौरान 15 जनवरी को एक महिला कर्मचारी के पति जब अपनी पत्नी को रात्रि में घर लाने हेतु वहां गये तो संयोगवश तभी मनीष मंडल वहां आ धमका. यह मालूम होते ही वह एक महिला कर्मचारी का पति है, न केवल उसे मां-बहन की गाली-गलौज करने लगा बल्कि उसे मारकर फेंक देने का भी आदेश देने लगा. किसी तरह मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने हस्तक्षेप किया, तब जाकर उस महिला कर्मचारी के पति का जान बच सका. यह सम्पूर्ण घटनाक्रम वहां मौजूद सीसीटीवी फुटेज में रिकार्ड हो गई है, जिसका संभवतः अहंकार में चूर मनीष मंडल को वहां मौजूद सीसीटीवी कैमरा होने का भान न रहा हो.
आखिर गुंडई क्यों करते हैं मनीष मंडल ?
असल में इन दिनों आईजीआईएमएस के प्रखर निदेशक विश्वास के नेतृत्व में आईजीआईएमएस में सुधार व विस्तार हेतु एक से बढ़कर एक कार्य किये जा रहे हैं, चाहे वह मरीजों की सुविधा के लिए मुफ्त कैंटीन की व्यवस्था हो, चाहे नये भवनों का निर्माण कार्य हो. इसमें आईजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक पद पर तैनात महाभ्रष्ट अधिकारी मनीष मंडल इन कार्यों में करोड़ों का घोटाला कर रहे हैं, जिसका कहीं कोई लेखा-जोखा नहीं है. सूत्र बताते हैं कि मनीष मंडल जब से इस पद पर तैनात हुए हैं अरबों रूपयों का घोटाला कर चुके हैं और उसे विभिन्न स्थानों पर विभिन्न नामों से छिपा कर रखे हैं. कोई भी व्यक्ति या संस्था उनके इस घोर भ्रष्टाचार पर सवाल न उठा सके इसलिए वह अपने गुंडई को अपना आसारा बनाये हुए हैं.
सूत्र बताते हैं कि आईजीआईएमएस में इस तरह की वारदात इस महाभ्रष्ट और अय्यास मनीष मंडल के द्वारा आये दिन किया जा रहा है. अपनी गुंडई और हवस का पुजारी यह मनीष मंडल आईजीआईएमएस को अपना कार्यक्षेत्र बना रखा है. सूत्र बताते हैं कि इस भ्रष्ट और अय्यास मनीष मंडल के खिलाफ पुलिस / सीबीआई की जांच की जाये तो इनके भ्रष्टाचार और अय्यासीपन की एक से बढ़कर एक दर्दनांक व शर्मनाक तस्वीरें साफ होंगी.
- मुकेश
स्वतंत्र पत्रकार
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मनीष मंडल वास्तव में एक भ्रष्ट आदमी है, इसके खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए ।
आईजीआईएमएस में आये दिन मरीजों के परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की घटनायें हो रही है, संभावना है कि इसमें मनीष मंडल का हाथ हो
गंभीर जांच की जरूरत है.
ye ek gambhir samasya hai.. marizo aur unke parijano k sath jo ho raha hai wo galat hai. hamari mang hai k is mamle ki jach ki jaye aur sakht karwai ki jaye…
मनीष मंडल एक गंदा और घटिया आदमी है. सुना है कि वह मेडिकल सुपरिटेंडेंट बनने के लिए मंत्री को 1 करोड़ रूपया घूस दिया है और आगे भी देने का वचन दिया है. ऐसा भ्रष्ट और घटिया से और क्या उम्मीद की जा सकती है.
bahut badhiyan article h. manish mandal par karyai kiya jana chahiye. ye log desh ke dalal bhediya h jo medical line me ghus gaya h aam admiyon ke jiwan se khilwad karne ke liye.
दैनिक भास्कर, प्रभात खबर आदि अखबारों में 17 जनवरी, 2019 को एक खबर छपी थी. इस खबर का सीधा संबंध आईजीआईएमएस, पटना के एमएस मनीष मंडल और उसकी गुण्डागर्दी से है. इस खबर में लिखा हुआ है, ‘‘ आईजीआईएमएस, पटना में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने हिलसा से आए रवीन्द्र मांझी के परिजन के साथ गार्ड ने मारपीट की. काउंटर पर भीड़ थी. रवीन्द्र मांझी के साथ आए दीपक ने गार्ड से जल्द दिखाने की व्यवस्था कराने की बात कही क्योंकि रवीन्द्र मांझी को लकवा की शिकायत थी. इसको लेकर गार्ड के साथ पहले बकझक हुई. बाद में दीपक वीडियो बनाने लगा तो बात बढ़ गई और गार्ड ने दीपक की पिटाई कर दी. दीपक को कुछ देर के लिए कमरे में बंद कर दिया गया था. अंत में वीडियो डिलीट करना पड़ा. रवीन्द्र को आयुष्मान भारत योजना का कार्ड रहते हुए बगैर इलाज घर लौटना पड़ा. मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है. पर किसी ने इस बाबत शिकायत नहीं की है.’’
इस तरह की घटनायें अक्सर ही आईजीआईएमएस, पटना में घटती है, जिसका कहीं कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है. पीड़ित मनीष मंडल के गुण्डागर्दी से डर कर चुपचाप चले जाते हैं और घटनाओं की कहीं कोई रिर्पोटिंग नहीं हो पाती है.
manish mandal chor h, ise barkhast kro
इस भ्रष्ट और धूर्त मनीष मंडल के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?