राम राज्य : सच कहना आसान नहीं होता है !
राम राज्य : सच कहना आसान नहीं होता है ! सुब्रतो चटर्जी अगर सच कहूं तो 60 लाख अपनों को...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
राम राज्य : सच कहना आसान नहीं होता है ! सुब्रतो चटर्जी अगर सच कहूं तो 60 लाख अपनों को...
कार्ल मार्क्स के जन्मदिन पर : एक मज़दूर की यादों में कार्ल मार्क्स (तस्वीर : 1875 में मार्क्स) हमारे प्रिय...
नवनाजीवादी जेलेंस्की वध का खाका खींच रखा है नाटो ने ये अजीब समाचार है कि, नाटो-अमरीका के यूक्रेन पर अरबों...
लग रहा है : यहां कोई आने वाला है, लेकिन कोई नहीं आता. मेरे भविष्य की राह खोलने के लिए...
'लोकतांत्रिक जन पहल' की ग्राउण्ड रिपोर्ट : पटना में अम्बेडकर जयंती को लेकर दो पक्षों में हुए विवाद, मारपीट और...
कच्ची गोलिय़ां नहीं खेले हैं वे वे सयाने हैं वे जानते हैं किस तरह तुम्हारी खाल में घुसकर तुह्मारे जैसा...
मई दिवस पर विशेष : आधुनिक सभ्यता का कोहिनूर हैं मजदूर जगदीश्वर चतुर्वेदी आश्चर्य की बात है कि देश के...
'मैं आज भी मजदूर का जीवन जीता हूं !' विष्णु नागर मजदूर दिवस के दिन मजदूरों से इस सरकार को...
नौकरशाह के. के. पाठक के फरमान से हलकान शिक्षकों का पांच महीने से वेतन बंद हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर,...
जब कहानी ने पलटकर कहानीकार से सवाल किया प्रियदर्शन लेखक और मनोविज्ञान विशेषज्ञ विनय कुमार जी ने जानना चाहा कि...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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