ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

लेनिन और लेनिनवाद

लेनिन और लेनिनवाद मार्क्स और एंगेल्स के अनुगामी लेनिन समूची दुनिया के सर्वहारा वर्ग, मेहनतकश अवाम और उत्पीडित राष्ट्रों के...

जलभूमि

जलभूमि जीवन का सोच्चार चीत्कार है तुम्हारे अरदास के पलटते पन्ने परिंदों के पंख के परवाज़ अदिती क्यों बार बार...

Reform or Retard

Reform or Retard ‘सुधार' शब्द को साज़िशन बहु आयामी बना दिया गया है. साधारण अर्थ में सुधार मतलब कोई भी...

गिर

गिर और गिर गिरता जा निचाइयां अतल हैं गिरने का साहस तुझमें गजब है गिर और गिर अबे और गिर...

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