Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

छत्तीसगढ़ : रासायनिक हथियारों के बाद अब हवाई जहाज से बम गिराये जा रहे हैं आदिवासियों के ऊपर

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 17, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारतीय टैक्स पेयर्स के पैसों से फ्रांस से हजारों करोड़ रुपये की खरीदी गई रफाल लड़ाकू विमान से खुश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि देर-सबेर यह लड़ाकू विमान भारत की जनता पर ही बम बरसने आयेगी. इसकी आगाज भारत का शासक वर्ग ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी जनता के कपाड़ पर बरसा कर साबित कर दिया है. देश की आधी मेहनतकश जनता का प्रतिनिधित्व करने वाली भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने पर्चे जारी कर पुलिसिया गिरोह पर हवाई बमबारी करने का आरोप लगाया है.

विदित हो कि पहले तो आदिवासियों को पहाड़ों में धकेल दिया गया, अब जब यह पता चला है कि उन पहाड़ों के नीचे बेशकीमती पत्थरों, वन और खनिज संपदा छिपा हुआ है तब से आदिवासियों को पहाड़ों से भी खदेड़कर उनसे उन संपदा को छीना जा रहा है. जब आदिवासी इसका विरोध कर रहे हैं तब उनके विरोध को बलपूर्वक कुचलने के लिए रास्तों और फौजी कैम्पों को तैनात किया जा रहा है.

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले 4 सालों में करीब 54 पुलिस कैंप खोले गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा सुकमा में 13 तो वहीं बीजापुर में 11 कैंप स्थापित किए गए हैं. बस्तर के IG सुंदरराज पी. समेत DIG, SSB, ITBP के अफसरों ने सालभर का आंकड़ा जारी किया है. IG सुंदरराज पी. ने कहा कि पिछले 4 सालों में नक्सलगढ़ (असल में आदिवासियों के) इलाकों में सुरक्षाबलों के कुल 54 नये कैंप स्थापित किए गए हैं. इनमें सिर्फ साल 2022 में ही 18 कैंप खोले गए हैं.

सुकमा जिले के कमारगुड़ा, मीनपा, सिलगेर, पिडमेड, डब्बाकोंटा समेत अन्य अति संवेदनशील इलाकों में कैंप स्थापित किया गया है. इसके अलावा बीजापुर जिले के तर्रेम, बेचापाल, पुसनार ये ऐसे इलाके हैं जो नक्सलियों के कब्जे में थे, लेकिन, यहां कैंप स्थापित करने की कोशिश में लगी हुई है. इसके साथ ही बड़े पैमाने पर सड़कें भी बनाई जा रही है ताकि आदिवासियों के किसी भी विरोध को तुरंत कुचला जा सके. IG सुंदरराज पी ने बताया है कि बस्तर के अंदरूनी इलाकों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है.

खबर के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सुकमा, बीजापुर सीमांत इलाक़े में पुलिसिया गिरोह द्वारा आदिवासियों के उपर हवाई बमबारी किए जाने के आरोप लगे हैं. दावा किया जा रहा है कि आदिवासियों के सबसे बड़े रहनुमा भाकपा माओवादी के लोकप्रिय कमांडर हिड़मा की इस हमले में मौत हो गई है लेकिन भाकपा माओवादी ने इसका खंडन किया है. छत्तीसगढ़ में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो की प्रवक्ता गंगा ने एक प्रेस नोट जारी कर हवाई बमबारी के बाद बम के पुर्जों की तस्वीरें मीडिया को जारी की हैं.

बम के पुर्जों की तस्वीरें

दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव गंगा ने प्रेस नोट के माध्यम से कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर पुलिस फोर्स ने नक्सलियों की PLGA (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) पार्टी पर हेलीकॉप्टर और ड्रोन से हवाई हमला किया है. यह एयर स्ट्राइक बीते 11 जनवरी को अंजाम दिया गया था. 11 जनवरी की सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक लगातार हवाई हमला किया गया है. पामेड़, किस्टाराम के सरहदी इलाकों में मेट्टागुड़ा, साकिलेर, रासापल्ली, कन्नेमर, बोतलंका समेत एर्रापाड़ गांवों में सैकड़ों बम गिराए गए हैं.

पुलिस के इस हमले में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की एक महिला सदस्य पोट्टम हुंगी के मारे जाने की बात कही गई है. गंगा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार आसमान से गोला बारूद दागे जा रहे हैं. इससे पहले 15 अप्रैल 2022 में भी ड्रोन हमला किया गया था.

Security Forces killing our Krantikari brothers brutally to stop our agitation against the Govt. We will not break and will continue on our ambition. Salute to Hidma 🙏#Hidma pic.twitter.com/XaC8Prh7xX

— जल, जंगल, जमीन.. (@jameen_jungle) January 12, 2023

प्रवक्ता गंगा ने जारी इस विज्ञप्ति में इस हमले की निंदा करते हुए कहा गया है कि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आदेश पर वायुसेना और एनएसजी के कमांडरों ने हेलिकॉप्टरों से बीजापुर जिले के सरहदी इलाकों के गावों और खेत-खलिहानों पर अंधाधुंध बम और गोलियां बरसाईं. सबूत के तौर पर माओवादियों ने कुछ अवशेष की तस्वीरें भी जारी की है. प्रेस नोट में कहा गया है कि इस हमले के जवाबी कार्रवाई में पुलिस के 6 कमांडो ज़ख़्मी हुए हैं.

इस प्रेस नोट में कहा गया है कि इस तरह हवाई हमले को लेकर आदिवासी ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ है और ग्रामीण खेतों में काम करने में डर रहे हैं. गंगा ने विज्ञप्ति में लिखा है कि मीडिया में ऐसा प्रचार किया जा रहा है कि नक्सली कमांडर हिड़मा की मौत हो गई है, जबकि वो जिंदा है और सुरक्षित हैं.

#Naxal commander #Hidma killed in encounter. 6 #CRPF jawans injured too. Number of killed Naxalites & injured jawans may increase

Prayers for speedy recovery
6 Soldiers 🙏

Visuals are from naxal encounter where Hidma was killed#NaxalFreeIndia #UrbanNaxals #MaoistExtremists pic.twitter.com/K7OA5BqHso

— Debashish Sarkar 🇮🇳 (@DebashishHiTs) January 12, 2023

गंगा ने विज्ञप्ति के माध्यम से आरोप लगाया है कि अप्रैल 2021 से जनवरी 2023 तक बस्तर के अलग-अलग इलाकों में कुल 3 बार हवाई हमले किए गए. विदित हो कि बस्तर की प्राकृतिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कॉर्पोरेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से पूरे संभाग में सैकड़ों पुलिस कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, हजारों जवानों की तैनाती की जा रही है. गंगा का कहना है कि सरकारें स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के नाम पर पुलिस में भर्ती कर रही है.

भाकपा माओवादी के नेता गंगा ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ आए थे. उन्होंने घोषणा की थी कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले माओवादी पार्टी को जड़ से मिटा देंगे. इसी योजना के अंतर्गत ‘घेरा डालो उन्मूलन करो’ अभियान संचालित करते हुए पुलिस PLGA, क्रांतिकारी कमेटी एवं जनता का सफाया करने की योजना बना रही है और केंद्र के निर्देश के अनुसार अफसर काम कर रहे हैं.

भाकपा माओवादी के हवाई हमले के इन आरोपों के बाद बस्तर के IG सुंदरराज पी. ने इसे फोर्स को बदनाम करने की नक्सलियों की साजिश बताया है. IG ने कहा कि बस्तर में माओवादियों की ताकत अब धीरे-धीरे कम होती जा रही है. उनके पैरों से जमीन खिसक रही है इसलिए वे बौखलाए हुए हैं. जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है. इस देश की जनता जानती है कि भाकपा माओवादी कभी झूठ नहीं बोलता और उसी तरह पुलिसिया गिरोह कभी सच नहीं बोलता.

गृहमंत्री बने हत्यारा अमित शाह भाकपा माओवादी को खत्म कर सके या नहीं कर सके लेकिन एक चीज जरूर है भाकपा माओवादी को राजनीतिक तौर पर ज्यादा आक्रामक होना होगा, ठीक उसी तरह भाकपा माओवादी के सैन्य कमांड PLGA को तकनीकी तौर पर ज्यादा बेहतर, ज्यादा आक्रामक होना होगा, तभी और केवल तभी भाकपा माओवादी न केवल आदिवासियों को ही बल्कि देश की तमाम मेहनतकश जनता की हिफाजत कर सकता है क्योंकि पूंजीपति घरानों के सेवा में भारत की मोदी सरकार ने देश की जनता के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर चुका है.

  • प्रशांत झा

Read Also –

भारत सरकार आदिवासियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का उपयोग कर रही है ?
भाकपा माओवादी एक राजनीतिक पार्टी है और उनके कार्यकर्ता व नेताओं की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बंदी का दर्जा मिलें
किसी भी स्तर की सैन्य कार्रवाई से नहीं खत्म हो सकते माओवादी
सड़क और पुलिसिया कैम्प निर्माण के खिलाफ आदिवासियों के आंदोलन पर पुलिसिया कहर
अब ‘अर्बन नक्सल से कलम नक्सल’ – वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के गृह मंत्रियों के ‘चिंतन शिविर’ के दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

चमत्कारों से घिरा पुरूष

Next Post

परिष्कृत दस्तावेज : चीन एक नई सामाजिक-साम्राज्यवादी शक्ति है और वह विश्व पूंजीवाद-साम्राज्यवादी व्यवस्था का अभिन्न अंग है – भाकपा (माओवादी)

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

परिष्कृत दस्तावेज : चीन एक नई सामाजिक-साम्राज्यवादी शक्ति है और वह विश्व पूंजीवाद-साम्राज्यवादी व्यवस्था का अभिन्न अंग है - भाकपा (माओवादी)

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

वेंटिलेटर : मेक इन इंडिया के नाम पर हुई क्रूरता और मौत की कहानी

May 14, 2021

रुस-नाटो महायुद्ध में रूस की बादशाह

August 21, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.