Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

सबसे सुखी इंसान गधा : अच्छा है याद नहीं रहता

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 10, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

सबसे सुखी इंसान गधा : अच्छा है याद नहीं रहता

गुरूचरण सिंह
जनता को तो याद ही नहीं रहा 2जी का घोटाला इसीलिए उसे फ़र्क भी नहीं पड़ता कि आज वही मोदी सरकार 2G से भी कहीं आगे के 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी कर रही है

अज्ञेय ने कहा था – ‘दुनिया का सबसे सुखी इंसान गधा !’ सुखी इसलिए कि उसे कुछ याद ही नहीं रहता कि किस बात पर मालिक ने पीटा था, पीटा था भी कि नहीं !! लिहाज़ा एक ही गलती वह बार-बार दोहराता चला जाता है. अब जिसे कुछ याद ही नहीं रहता, जो एक आदत की तरह खाता है, काम करता है, पेट और शरीर की भूख मिटा कर चैन से सो जाता है, दुःख तो उसके पास फटक भी नहीं सकता. हर हाल में खुश रहता है वह, बिल्कुल इस देश की जनता की तरह. कुछ फ़र्क ही नहीं पड़ता, उसे दुनिया जहान में होता क्या है !! कुंए का मेंढक और नाली का कीड़ा भी तो इसी तरह अपनी महानता में मगन रहता है. मेंढक को कुंए से निकाल कर समुद्र में छोड़ कर देखिए, कीड़े को गंदी नाली से निकाल कर किसी अच्छी जगह पर छोड़ कर देखिए, दोनों ही जिंदा नहीं बचेंगे !!

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

इस सरकार के आने के बाद जेएनयू पर बार-बार हमला होता है, कभी उसके वजूद को मिटाने के लिए, कभी हर जोर जुल्म के खिलाफ सीना तान कर खड़े हो जाने वाले छात्रों की हिम्मत तोड़ने के लिए ! लेकिन आम जनता में किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता, भले ही ये बच्चे उनके पास पड़ोस के हों. 106 से ज्यादा रिटायर्ड नौकरशाह नागरिकता कानून की संवैधानिक वैधता पर गंभीर आपत्तियां दर्ज करते हुए एक खुला पत्र लिखते हैं लेकिन किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता. सबको अपनी-अपनी ही चिंता होती है, पड़ोसी मरता है तो मरे ! एक दिन जब वह खुद मुसीबत में होता है तो उसका पड़ोसी भी अगर ऐसा ही सोचता है तो क्या गलत करता है वह ?

नागरिकता संशोधन कानून की वैधता पर की गई याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं होती, इस बिना पर कि पहले हिंसा रुकनी चाहिए. लेकिन हिंसा अगर प्रायोजित हो, ओट से की गई कार्रवाई हो तो क्यों होने देंगे बंद वे लोग यह हिंसा ? आंदोलन को बदनाम करने के लिए सरकारें अक्सर यही हत्थकंडा तो अपनाती हैं.

खैर, बात तो भूल जाने की आदत के लाभ की हो रही थी ! 2G स्पेक्ट्रम की नीलामी में हुए कथित घोटाले का ढोल पीटते हुए आई थी यह सरकार. CAG के चड्डीधारी चेयरमैन विनोद राय ने एक काल्पनिक गणना के आधार पर 1लाख 76 हजार करोड़ के महाघोटाले (उस वक़्त का बहुत बड़ा) का आरोप लगाया जिसके कारण मनमोहन सिंह की सरकार चली गई थी. कितने ही लोगों को जेल की रोटी भी तोड़नी पड़ी थी. कन्निमोई, राजा जैसे राजनेताओं सहित कई कारपोरेट हस्तियों को भी इसी काल्पनिक नुकसान का खमियाजा भुगतना पड़ा था लेकिन इसी सरकार के सत्ता में रहने के बावजूद अदालत ने मानने से ही इंकार कर दिया कि ऐसा कोई घोटाला हुआ भी था कभी !

जनता को तो याद ही नहीं रहा 2जी का घोटाला इसीलिए उसे फ़र्क भी नहीं पड़ता कि आज वही मोदी सरकार 2G से भी कहीं आगे के 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी कर रही है हालांकि पिछले 4जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में उसे कोई बोली लगने वाला भी नहीं मिला था, जब तक कि कीमतें बहुत कम नहीं कर दी गई ! जिओ भी शामिल था बोली लगाने वालों में. इस बार की नीलामी की खास बात यह है कि नीलामी से पहले ही
ट्रायल करने के लिए 5 जी स्पेक्ट्रम कंपनियों को मुफ्त में दिया जा रहा है, इसके पहले कभी ऐसा किए जाने की दुनिया में कोई मिसाल नहीं मिलती.

कहीं ऐसा तो नहीं कि यह नोटबंदी की तरह किसी अभूतपूर्व घोटाले का संकेत तो नहीं है ? लेकिन हमें क्या फ़र्क पड़ता है !! हमारी बला से ! जो दूसरों के साथ होगा, हमारे साथ भी होगा !

Read Also –

देश को 15-20 साल पीछे ले गई मोदी सरकार
कल्याणकारी सरकार से व्यापारी सरकार होने तक
नरेन्द्र मोदी : जनता के पैसे पर मौज
मोदी विफलताओं और साम्प्रदायिक विद्वेष की राजनीति का जीता-जागता स्मारक
झूठ का व्यापारी

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

बिहार में पढ़ने वाले बच्चे जेएनयू, जामिया और डीयू को क्यों नहीं समझ पा रहे हैं ?

Next Post

तुष्टिकरण की राजनीति सांप्रदायिकता की सौतेली मां होती है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

तुष्टिकरण की राजनीति सांप्रदायिकता की सौतेली मां होती है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

कैसा सम्मान ? गत्ते और बोरी में जवानों का शव

October 11, 2017

दस्तावेज : अंग्रेजों ने भारतीय शिक्षा का सर्वनाश कैसे किया ?

September 16, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.