Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

कांग्रेस की गलती और भाजपा का सुधार

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 27, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नेहरू जी की सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए आजीवन पेंशन का प्रावधान किया. पेंशनधारी अटल जी के समर्थन में आए और अटल जी की सरकार ने पेंशन समाप्त कर दी. अटल जी समझ गए थे कि यह पेंशनधारी जब नेहरू की कांग्रेस के न हुए तो मेरे क्या होंगे, इसलिए अटल जी ने पेंशनधारियों को नमक हरामी की सजा दे दी. अब पिछले 17 साल से पेंशनधारी दर दर की ठोकरें खा रहे हैं.

नेहरू जी की सरकार में SC / ST को आरक्षण मिला और वी. पी. सिंह की सरकार में मण्डल कमीशन लागू हुआ. दलित और पिछड़े समाज के लोग बड़ी तादाद में कांग्रेस और समाजवादियों को छोड़कर मोदी जी के साथ आ गए. मोदी जी ने आरक्षण का झगड़ा ही ख़त्म करने की ठान ली. उन्होंने एक एक करके सारे संस्थान बेच दिए. 2024 तक उम्मीद है, देश के सभी सरकारी संस्थान बिक जाएँगे और आरक्षण पर होने वाली बहस हमेशा के लिए ख़त्म हो जाएगी.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया. बैंककर्मियों को सरकारी नौकर बनाया लेकिन उन्हें सरकारी नौकरी पसंद नहीं आयी. बैंककर्मियों ने पूरे ज़ोर शोर से हर हर मोदी के नारे लगाए. मोदी जी सत्ता में आए और उन्होंने एक एक करके बैंक ही समाप्त करने शुरू कर दिए. अब बैंक ही नहीं बचेंगे तो एहसान भूलने वाले बैंककर्मी भी नहीं बचेंगे.

मध्यम वर्ग ने जितनी तरक़्क़ी मनमोहन सरकार में की उतनी इतिहास में कभी नहीं हुई. इंजिनयरिंग, MBA आदि करते ही 30-40 हज़ार की नौकरी और फिर 1-2 साल में ही सैलरी एक लाख तक पहुँचना आम बात हो गयी. करोड़ों परिवार ग़रीबी रेखा से ऊपर उठकर उनकी सरकार में मध्यम वर्ग में आ गए. खाए पिये लोगों को यह तरक़्क़ी हज़म नहीं हुई और इसी वर्ग ने मोदी मोदी के नारे लगाकर मोदी जी के हाथ में अपनी क़िस्मत सौंप दी.

पिछले सात साल से मोदी जी 18-18 घंटे काम करके मध्यम वर्ग को ख़त्म करने के लिए काम कर रहे हैं, करोड़ों लोग वापस ग़रीबी रेखा में आ गए हैं. उम्मीद है कि 2024 तक बचे हुए लोग भी ग़रीबी रेखा के नीचे आ जाएँगे.

भाजपा ने हमेशा उन लोगों को सुधारने की कोशिश की है, जो एहसान को भूल गए थे लेकिन यह लोग अभी भी पूरी तरह से सुधर नहीं रहे हैं. लगता है, सम्पूर्ण सुधार के लिए मोदी जी के एक टर्म की और ज़रूरत है.

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

कश्मीर पर मोदी गैंग की नीति

Next Post

औरत

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

औरत

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

राम मंदिर से शुरू होकर वाया पुलवामा पाकिस्तान के बालकोट तक

March 1, 2019

कश्मीर के पेलेट गन पीड़ित कैसे उस दुनिया में आगे बढ़ रहे हैं, जिसने उन्हें भुला दिया

June 1, 2025

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.